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Fake App: बैंक का ये नकली ऐप मिनटों में खाली कर रहा अकाउंट, लोगों तक ऐसे पहुंचा रहे ठग; पुलिस ने किया अलर्ट

Fri, 13 Jun 2025 07:42 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Fake App Alert: राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक नकली ऐप को लेकर लोगों को सर्तक किया है। ऐप के जरिए लोग साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस इससे बचने का तरीका बताया है।
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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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साइबर अपराधी अब "SBI REWARDZ.apk" नाम का एक नकली ऐप बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे उनकी निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में पड़ रही है। लोगों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। ठग इस फर्जी ऐप को व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक तेजी से पहुंचा रहे हैं। 

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फेक ऐप कैसे करता है काम? 
एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी "SBI REWARDZ.apk" नाम से एक खतरनाक एंड्रॉयड मैलवेयर तैयार कर रहे हैं, जिसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, यह ऐप चुपचाप बैकग्राउंड में काम करने लगता है। यह उपयोगकर्ता के एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स और ऐप नोटिफिकेशन को पढ़ता है और सारी जानकारी गूगल के फायरबेस (Firebase) प्लेटफॉर्म पर एक असुरक्षित सर्वर को भेज देता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्रेडिट/डेबिट कार्ड का पूरा विवरण (कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन), पैन (PAN) नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी चुराना है। इस चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल बाद में वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाता है।

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इन बातों का ध्यान रखें 
  • हमेशा रहें सतर्क: SBI REWARDZ ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। व्हाट्सएप, टेलीग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया लिंक से मिलने वाली एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड करने से बचें।
  • तुरंत करें अनइंस्टॉल: यदि गलती से कोई भी संदिग्ध APK फाइल वाला ऐप इंस्टॉल हो गया है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।
  • शिकायत करना जरूरी: यदि आप इस प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, या https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
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ठग बदल रहे रणनीति
राजस्थान पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं, इसलिए आम जनता को भी ऑनलाइन खतरों के प्रति जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखकर ही हम इन धोखेबाजों से बच सकते हैं।
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