फेक ऐप कैसे करता है काम?
एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी "SBI REWARDZ.apk" नाम से एक खतरनाक एंड्रॉयड मैलवेयर तैयार कर रहे हैं, जिसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, यह ऐप चुपचाप बैकग्राउंड में काम करने लगता है। यह उपयोगकर्ता के एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स और ऐप नोटिफिकेशन को पढ़ता है और सारी जानकारी गूगल के फायरबेस (Firebase) प्लेटफॉर्म पर एक असुरक्षित सर्वर को भेज देता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्रेडिट/डेबिट कार्ड का पूरा विवरण (कार्ड नंबर, सीवीवी, पिन), पैन (PAN) नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी चुराना है। इस चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल बाद में वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाता है।
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ठग बदल रहे रणनीति
राजस्थान पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं, इसलिए आम जनता को भी ऑनलाइन खतरों के प्रति जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखकर ही हम इन धोखेबाजों से बच सकते हैं।