पुलिस मुख्यालय द्वारा एसआई भर्ती 2021 के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ट्रेनी एसआई को फील्ड ट्रेनिंग के लिए जिलों में भेजने के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस याचिका पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से एडीजी पुलिस भर्ती और पदोन्नति बोर्ड विपिन कुमार पांडेय ने सभी ट्रेनी एसआई को उनके आवंटित रेंज के जिलों में फील्ड ट्रेनिंग के लिए भेजने का आदेश जारी किया था।
याचिकाकर्ता कैलाशचंद शर्मा ने प्रस्तुत याचिका में पुलिस मुख्यालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने हाईकोर्ट में स्टे एप्लिकेशन दाखिल करते हुए कहा कि 18 नवंबर को कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे, जिसे सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने कहा कि सरकार ने जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन एक महीने बाद भी इस बारे में कोई उत्तर नहीं दिया गया। और तो और कोर्ट के यथास्थिति आदेश की अवहेलना करते हुए ट्रेनी एसआई को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने के आदेश दे दिए।
एसआई भर्ती 2021 की प्रक्रिया को लेकर विवाद अब भी जारी है। हाईकोर्ट में दायर मूल याचिका में पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई है। इधर सुनवाई से पहले पुलिस विभाग ने बीते दो दिनों में 20 ट्रेनी एसआई को निलंबित कर दिया है, जिनमें जयपुर और उदयपुर रेंज के 11 ट्रेनी एसआई, बीकानेर रेंज के 8 और अजमेर रेंज के 1 ट्रेनी एसआई निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा एसओजी ने पेपर लीक मामले में अब तक 45 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 25 जमानत पर बाहर हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फील्ड ट्रेनिंग के लिए आदेश जारी करना सरकार की मंशा को लेकर सवाल खड़े करता है। एसआई भर्ती प्रक्रिया पर सरकार की कैबिनेट बैठक में कोई निर्णय न होने के बाद यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने इस मामले में कहा था कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण इस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।
अब कल होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजरें होंगी, जिसमें याचिकाकर्ता के स्टे आवेदन और सरकार के जवाब पर बहस हो सकती है, जिसके बाद देखना होगा कि कोर्ट सरकार के आदेश पर रोक लगाता है या आगे की कार्रवाई के लिए कोई नया निर्देश जारी करता है।
किरोड़ी ने मुंह पर उंगली रखी
इधर बार-बार एसआई भर्ती परीक्षा 2021 रद्द किए जाने की मांग कर रहे मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मीडिया द्वारा इस मामले पर पूछे गए प्रश्न पर मुंह पर उंगली रख ली। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हम एकराय हैं, कोई विरोध नहीं है। आपस में मिलकर निर्णय होगा। मैं शुरू से ही एसआई भर्ती रद्द करने की मांग करता रहा हूं। यह प्रकरण सरकार के स्तर पर चल रहा है। इसमें सरकार क्या करेगी, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।