पेयजल से निपटने के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार।
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राजस्थान में गर्मियों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने कंटीजेंसी प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत जलदाय विभाग ने 142 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी है। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का कहना है कि गर्मी के मौसम में किसी को पेयजल के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
गर्मी में जल संकट का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रदेश के बजट में एक हजार ट्यूबवेल और एक हजार 500 हैंडपंप्स लगाने की घोषणा की गई है। कंटीजेंसी प्लान के तहत प्रत्येक जिले को कम से कम 50 लाख रुपये इस प्लान के तहत मिलेंगे। इस राशि से ट्यूबवेल और हैंडपप्स दुरुस्त होंगे और साथ ही टैंकर से पानी सप्लाई भी होगा।
ये है विभाग की तैयारी
वहीं, राजधानी जयपुर की बात करें, तो यहां जलदाय विभाग ने गर्मियों के लिए बड़ी तैयारी की है। मौजूदा समय में जयपुर को बीसलपुर से 490 एलएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। जैसे-जैसे पानी की मांग बढ़ेगी इस सप्लाई को बढ़कर 535 एमएलडी कर दिया जाएगा। मार्च-अप्रैल में बीसलपुर से करीब 45 एलएमडी पानी ज्यादा लिया जाएगा। मई-जून के महीने में पानी की सबसे ज्यादा किल्लत होती है। तब बीसलपुर से पानी की सप्लाई करीब 590 एलएमडी कर दी जाएगी। यानी गर्मियों के चार महीने में करीब 100 एलएलडी पानी की सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
बीसलपुर से पानी सप्लाई
पिछले एक साल में जयपुर में करीब 15 हजार पानी कनेक्शन बढ़ गए पृथ्वीराज नगर, सांगानेर और झोटवाड़ा के कई नए इलाके जुड़ गए हैं। इन क्षेत्रों को अब बीसलपुर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। प्रदेश के कई बड़े शहर और कस्बे ऐसे हैं, जहां पर तीन से लेकर पांच दिन में एक बार पानी की सप्लाई होती है। इनमें पूर्वी राजस्थान के दौसा और बांदीकुई जैसे शहरों की स्थिति बेहद खराब है। यहां सप्ताह में एक दिन सप्लाई होती है। हालांकि जल्द ही अमृत योजना के तहत विभिन्न कार्य भी होने हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति सुधरेगी।