राजस्थान वित्त विभाग के अफसरों ने राजस्थान की पूरी अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। ऐसा कोई महकमा नहीं है, जो भुगतान के लिए वित्त विभाग के चक्कर नहीं लगा रहा। पहले बेरोजगारी भत्ते के लिए चक्कर लगवाए, अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर भी वित्त विभाग के अफसर कुंडली मारकर बैठ गए हैं।
प्रावधान के बावजूद रिलीज नहीं हो रही पेंशन
हैरानी की बात यह है कि सामाजिक न्याय विभाग के पास पेंशन बांटने के लिए बजट प्रावधान भी है लेकिन भुगतान का पूरा नियंत्रण वित्त विभाग ने अपने कंट्रोल में ले रखा है, जिसके चलते पेंशनर्स को विलंब से हो रहे भुगतान की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
पत्रावली भी अटकी
पिछले दिनों सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर वाहवाही तो लूट ली लेकिन पेंशनर इस राशि के खातों में पहुंचने का इंतजार कई महीनों से कर रहे हैं। हालत यह है कि मई से प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं दी गई है। यह राशि करीब 3 हजार रुपये हो चुकी है। इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग की ओर से पिछले दिनों वित्त विभाग को एक पत्रावली भी भेजी गई थी, जो आज तक वहां पेंडिग है।
केंद्र से पैसे मिलने पर बंटेगी पेंशन
आर्थिक स्थिति यह है कि राज्य सरकार अपनी पेंशन बांटने के लिए भी केंद्र से पैसे आने का इंतजार कर रही है। इसी सप्ताह केंद्र से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार को ट्रांसफर होनी है। वित्त विभाग ने इसके बाद पेंशन रिलीज करने का भरोसा दिया है।
मई से सितंबर तक बकाया
सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के मुताबिक विभागीय स्तर से सभी पात्र पेंशनर्स का भुगतान बिल बनाकर प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में कोषागार (वित्त विभाग) को अग्रेषित कर दिए जाते हैं। कोषागार द्वारा वेज एंड मीन्स की स्थिति के अनुसार पेंशनर्स को राशि जारी की जाती है।
इस प्रकार माह मई से अगस्त 2024 तक की अवधि के लिए पेंशनर्स को 1979.25 करोड़ रुपयों का भुगतान होना शेष है। यदि इसमें माह सितंबर 2024 की राशि को भी जोड़ दी जए तो कुल 2970.70 करोड़ रुपये का भुगतान पेंशनर्स को होना बाकी है।
पेंशनर लगा रहे विभाग के चक्कर
पेंशन प्रकरणों में देरी के चलते प्रतिदिन लगभग 250 से 300 पेंशनर्स पेंशन संबंधी विभिन्न समस्याओं के लिए विभागीय मुख्यालय में के चक्कर काट रहे हैं। इनमें से अधिकांश पेंशनर्स द्वारा विलंब से भुगतान की समस्या को लेकर ही यहां आ रहे हैं।