विधानसभा सत्र के बीच अब कांग्रेस ने उच्च शिक्षा विभाग में "शिक्षा वीर" भर्तियों को भी मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। हाल में सरकार की कैबिनेट ने उच्च शिक्षा में "शिक्षा वीर" नाम से अस्थायी शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे प्रदेश के युवाओं के साथ "बड़ा धोखा" बताते हुए भाजपा सरकार पर ठेका प्रथा को बढ़ावा देने और स्थायी रोजगार से पीछे हटने के आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का कहना है कि कांग्रेस ने उच्च शिक्षा में भी 'अग्निवीर मॉडल' लागू कर दिया है। उन्होंने कहा- बजट में 1.25 लाख सरकारी नौकरियों का वादा करने वाली सरकार अब स्थायी नियुक्तियों की बजाय 5 वर्ष की अस्थायी और अल्प वेतन वाली "शिक्षा वीर" भर्ती योजना के तहत युवाओं को गुमराह कर रही है।
यह भी पढें-
Jaipur News: जम्मू से आ रहा अमित शाह का विमान खराब मौसम के कारण जयपुर डायवर्ट, दिल्ली के लिए हुए रवाना
कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि बजट में 1.25 लाख सरकारी नौकरियों का वादा करने वाली सरकार अब स्थायी नियुक्तियों की बजाय 5 वर्ष की अस्थायी और अल्प वेतन वाली "शिक्षा वीर" भर्ती योजना के तहत युवाओं को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम "अग्निवीर मॉडल" की तर्ज पर उच्च शिक्षा में लागू किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा शिक्षकों का रोजगार प्रभावित होगा, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सीधा असर पड़ेगा।
जूली ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के 5 वर्षों में 310 नए सरकारी कॉलेज खोले थे। छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी की अस्थायी नियुक्ति की गई थी — जो कि एक अंतरिम व्यवस्था थी जब तक कि नियमित भर्तियां पूरी न हो जाएं। अब भाजपा सरकार ने नियमित भर्तियाँ करने की बजाय "शिक्षा वीर" नामक अल्पकालिक मॉडल लागू कर दिया है, जिससे कांग्रेस के अनुसार शिक्षा को ठेका प्रथा में झोंकने की शुरुआत हो गई है।