राजस्थान सरकार हिंसा प्रभावित मणिपुर में फंसे प्रवासी राजस्थानी छात्रों की सुरक्षित राजस्थान वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में फंसे राज्य के लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की है और मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात करके राज्य में फंसे हुए राजस्थान के विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है। गहलोत ने मुख्य सचिव, राजस्थान को मणिपुर के मुख्य सचिव के साथ समन्वय स्थापित करके जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में फंसे राजस्थानी छात्र-छात्राओं के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी राजस्थान वापसी के लिए हवाई यात्रा और ट्रेन किराए का पुनर्भरण करने की भी स्वीकृति दी है। एसीएस (समन्वय) और मुख्य आवासीय आयुक्त शुभ्रा सिंह ने बताया, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मणिपुर में फंसे प्रवासियों के लिए नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय ने राजस्थान फाउंडेशन के सहयोग से सहायता या सूचना की आवश्यकता वाले लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है, वे हेल्पलाइन नंबरों 0141-2229111, 011-23070807 और +91-83060 09838 पर संपर्क कर सकते हैं।
इंफाल या कोलकाता से स्टूडेंट्स को जयपुर लाने की तैयारी...
नई दिल्ली में राजस्थान सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर और राजस्थान फाउंडेशन के कमिश्नर धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थानी स्टूडेंट्स के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आपदा की इस घड़ी में मणिपुर से राजस्थान लौटने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हवाई टिकट, ट्रेन यात्रा के किराए की पुनर्भरण की घोषणा की है। धीरज ने बताया कि मणिपुर में फंसे हुए राजस्थानी विद्यार्थियों को सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए राजस्थान के डीजीपी की मदद से मणिपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में कमर्शियल फ्लाइट से राजस्थान के विद्यार्थियों को इंफाल से जयपुर या गुवाहाटी और कोलकाता से जयपुर तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। धीरज ने बताया कि मणिपुर में फंसे सभी राजस्थानियों की इंफॉर्मेशन इकट्ठा करने के लिए राजस्थान फाउंडेशन ने गूगल फॉर्म और वाट्स एप ग्रुप बनाएं हैं, ताकि प्रभावित विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से तुरंत निकाला जा सके।