बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, सच तो यह है कि अपनी ही पार्टी में हो रही बगावत और रसातल में जाते जनाधार के कारण बौखलाहट में सीएम अशोक गहलोत ने ऐसे अमर्यादित और असत्य आरोप लगाएं है। पूर्व सीएम ने कहा, विधायकों की खरीद-फरोख्त की जहां तक बात है, इसके महारथी तो स्वयं अशोक गहलोत हैं, जिन्होंने साल 2008 और 2018 में अल्पमत में होने के कारण ऐसा किया था।
वसुंधरा राजे ने कहा, उस वक्त न बीजेपी को बहुमत मिला था और न ही कांग्रेस को। उस समय चाहते तो हम भी सरकार बना सकते थे, पर यह बीजेपी के सिद्धांतों के खिलाफ था। इसके विपरीत गहलोत ने अपने लेन-देन के माध्यम से विधायकों की व्यवस्था कर दोनों समय सरकार बनाई थी।
'मुख्यमंत्री के द्वारा मेरी तारीफ करना मेरे खिलाफ उनका एक बड़ा षड्यंत्र'
मुख्यमंत्री के द्वारा मेरी तारीफ करना मेरे खिलाफ उनका एक बड़ा षड्यंत्र है। मेरा जितना जीवन में अपमान गहलोत ने किया कोई कर ही नहीं सकता। वे साल 2023 के चुनाव में होने वाली ऐतिहासिक हार से बचने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहे हैं, जो दुर्भाग्य पूर्ण है पर उनकी ये चाल कामयाब होने वाली नहीं है।