हिट एंड रन एक्ट के विरोध में वाहन चालकों, ट्रक-बस यूनियन व टैक्सी यूनियन की हड़ताल के चलते प्रदेश भर में ट्रकों ,बसों व टैक्सियों के पहिये थम से गए हैं। ऐसे में जहाँ यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं व्यापारियों को भी सामान लाने-ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों समेत निजी यात्री बसों और टैक्सी चालकों की हड़ताल के चलते यात्री जगह-जगह भटकने को मजबूर हैं।
सवाई माधोपुर में वाहन चालकों की हड़ताल के चलते यात्री खासे परेशान हैं। दूरदराज से सवाई माधोपुर आने वाले यात्रियों को ना तो बसें मिल पा रही हैं और ना ही टैक्सी। ऐसे में यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस नए कानून को लेकर वाहन चालकों का कहना है कि रोड एक्सीडेंट के बाद अगर चालक घायल को अस्पताल पहुंचाएगा तो उसे आक्रोशित भीड़ से जान का खतरा हो सकता है। साथ ही 10 साल की सजा और जुर्माने से उसका परिवार सड़क पर आ जाएगा। वाहन चालकों का कहना है कि जब तक सरकार इसे वापस नहीं लेती और इसमें संशोधन नहीं करती तब तक उनकी हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही सवाई माधोपुर में कल से सड़क जाम की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जयपुर सिटी मिनी बस यूनियन ने भी कानून के विरोध में मंगलवार से मिनी बसें बंद रखने की घोषणा की है। शहर में विभिन्न मार्गों पर चलने वाली टैंपो-मैजिक बुधवार रात से 24 घंटों के लिए बंद हो जाएंगी। इसके अलावा ट्रक और ट्रेलर एसोसिएशन, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स के साथ ही टैक्सी चालक भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। जयपुर में सिटी बसें मंगलवार को हड़ताल के समर्थन में बंद हैं। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। जयपुर समेत सभी बड़े शहरों में फल-सब्जियों, दूध और पेट्रोल की किल्लत शुरू हो गई है।