राजस्थान के सभी 41 जिलों में आज ऑपरेशन शील्ड के तहत ब्लैक आउट किया जाएगा। इसमें युद्ध के समय हवाई हमलों से बचने के लिए लोगों को जानकारी दी जाएगी। हवाई हमले के समय चेतावनी वाले सायरन बजेंगे और ब्लैक आउट किया जाएगा। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने शुक्रवार शाम सचिवायल में इस मॉक ड्रिल को लेकर सभी कलेक्टरों से वीसी के जरिए बात भी की और अधिकारियों को सायरन ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से बयान भी जारी किया गया है। इसमें मुख्य सचिव सुधांश पंत की तरफ से जानकारी देते हुए बताया है कि बैठक में अधिकारियों को सभी संचार प्रणालियों और सायरन को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक जगजीत सिंह मोंगा ने मॉक ड्रिल के दौरान वायुसेना, चिकित्सा, स्थानीय निकाय, गृह रक्षा, ऊर्जा, पुलिस विभाग तथा जिला प्रशासन की भूमिका की जानकारी दी है।
ये भी पढ़ें: Ajmer News: कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की जांच जारी, किशनगढ़ में नकली खाद फैक्ट्रियों से हजारों कट्टे सीज
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मॉक ड्रिल के लिए समय और जगह गोपनीय रखी जाए। मॉक ड्रिल के दौरान रेस्पॉन्स टाइम को बेहतर करने पर जोर दिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अलर्ट सायरन ठीक किए जाएं, जिससे ड्रिल में कोई कमी नहीं रहे। इससे पहले भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते 7 मई को भी प्रदेश में मॉक ड्रिल करवाई गई थी। इस दौरान कई जगहों के सायरन खराब होने की वजह से बजे ही नहीं थे।
राजस्थान के लिए क्यों है सबसे अहम
राजस्थान के लिए यह मॉक ड्रिल बहुत अहम है। इसकी वजह यह है कि राजस्थान और पाकिस्तान के बीच सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे। बीएसएफ की तरफ से जानकारी दी गई थी कि पाकिस्तान ने राजस्थान में करीब 350 से ज्यादा ड्रोन एटैक किए थे।