इस साल राजस्थान में हुई अत्यधिक बारिश के बाद प्रदेश के भूजल स्तर में 5.82 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2024 में हुई असामान्य बारिश भू-जल स्तर के लिए वरदान साबित हुई है। राजस्थान के भू-जल विभाग की मानसून बाद यानी पोस्ट मानसून एसेसमेंट रिपोर्ट-2024 के अनुसार मानसून से पहले प्रदेश के सभी जिलों में औसतन 28.83 मीटर पर भूजल मिल रहा था, जो अब 23.01 मीटर हो गया है। यानी राजस्थान में भू-जल 5.82 मीटर ऊपर आया है।
जिलेवार आंकड़े आए
इस प्रारंभिक रिपोर्ट में अभी जिलेवार आंकड़े ही सामने आए हैं। विभाग के मुताबिक इन आंकड़ों के विश्लेषण के बाद जोनवार भी आंकड़े दिए जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक चूरू को छोड़कर बाकी सभी जिलों में भू-जल स्तर बढ़ा है। चूरू जिले में सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद भू-जल स्तर 0.19 मीटर कम हुआ है। वहीं सबसे ज्यादा बढ़ोतरी चित्तौड़गढ़ जिले में 14 मीटर दर्ज हुई है। इसके बाद सवाई माधोपुर में 13.32 मीटर, बूंदी 11.50 मीटर, भीलवाड़ा 10.89 मीटर, डूंगरपुर 9.96, प्रतापगढ़ 9.96, अलवर 9.87, बारां 9, कोटा 8.23 और बांसवाड़ा में 6.68 मीटर वृद्धि हुई है। राजधानी जयपुर में भी भूजल स्तर में 4.70 मीटर का सुधार हुआ है।
राजस्थान भूजल विभाग के चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह ने बताया कि मानसून की बारिश के बाद भू-जल के जो आंकड़े विभाग ने इकट्ठा किए हैं, यह प्रारंभिक आंकड़े हैं, जिनका विश्लेषण होना अभी बाकी है। इन्हीं आंकड़ों से जोनवार डाटा भी निकाला जाएगा। साथ ही प्रदेश के डार्क जोन में भू-जल स्तर का डाटा भी इन्हीं आंकड़ों के विश्लेषण से निकलेगा, लेकिन अभी इसे पूरा होने में कुछ महीनों का वक्त लगेगा।
जानिए रेगिस्तानी जिलों का हाल जहां हुई अतिवृष्टि
इस साल पश्चिमी राजस्थान यानी रेगिस्तानी जिलों में भी असामान्य यानी सामान्य से 60% या अधिक बारिश हुई थी। इनमें बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर शामिल हैं। जालौर में इस साल सामान्य यानी औसत बारिश से 20-59% ज्यादा बारिश हुई थी। ज्यादा बारिश की वजह से जैसलमेर में मानसून से पहले जहां ग्राउंड वाटर की उपलब्धता 49.79 मीटर पर थी। अब यह 2.50 मीटर कम होकर 47.29 मीटर पर है। वहीं बाड़मेर में भू-जल स्तर 1.73 मीटर, बीकानेर में 0.81 मीटर, जोधपुर में 1.51 मीटर बढ़ा है। साथ ही सामान्य बारिश वाले जालौर जिले में ग्राउंड वाटर लेवल 2.31 मीटर बढ़ा है।अब भू-जल विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के इसी विश्लेषण के बाद डार्क जोन में भू-जल स्तर में कमी या बढ़ोतरी का पता चल सकेगा।
50 में से 27 जिलों में हुई असामान्य बारिश
इस साल मानसून सीजन में राजस्थान के 50 में से 27 जिलों में असामान्य बारिश दर्ज की गई थी। 15 जिलों में अधिक और 8 जिलों में सामान्य बारिश हुई थी। किसी भी जिले में सामान्य से कम या सूखा दर्ज नहीं किया गया। राजस्थान में असामान्य बारिश का मतलब सामान्य (417.46 एमएम) से 60% या इससे अधिक बारिश होने से है।