जयपुर में जल महल पर भारतीय वायुसेना की ओर से भव्य एयर शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आसमान में रोमांच और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने हवाई करतबों का साक्षी बनते हुए भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम की प्रभावशाली एंट्री
भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के पांच ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने नाहरगढ़ किला बेस से ‘योद्धा’ फॉर्मेशन में आसमान में शानदार एंट्री की। इसके बाद टीम ने ‘आई’, ‘क्रॉस’, ‘डॉल्फिन’ और ‘डबल क्रॉस’ जैसी आकर्षक संरचनाएं बनाकर दर्शकों का मन मोह लिया। अंतिम प्रस्तुति में पांचों हेलिकॉप्टरों ने जयपुर को सलामी दी और आकाश में तिरंगे की आकृति उकेरी।
सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम का रोमांचक प्रदर्शन
इसके बाद सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम के नौ हॉक-132 विमानों ने शुरुआत ‘तेजस’ फॉर्मेशन से की। टीम ने ‘ब्रह्मोस’, ‘क्रॉस’ और ‘हार्ट पिचिंग’ जैसी रोमांचक संरचनाएं बनाकर लोगों में उत्साह भर दिया। विमानों ने 100 से 1000 फीट की ऊंचाई के बीच विभिन्न फॉर्मेशन में हैरतअंगेज करतब दिखाए। समापन प्रस्तुति में सूर्यकिरण टीम ने भी आकाश में तिरंगे की झलक पेश की।
मुख्यमंत्री ने बताया गर्व का क्षण
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर में एयर शो का आयोजन शहर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में जोश और देशभक्ति की भावना प्रबल होगी तथा वे सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी अतिथियों और नागरिकों के स्वागत से की। उन्होंने कहा कि वीरों की भूमि जयपुर में इस तरह का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में जयपुर में आर्मी डे परेड का सफल आयोजन हुआ था और अब वायुसेना का यह एयर शो इस बात का प्रमाण है कि शहर बड़े आयोजनों के लिए पूरी तरह सक्षम है।
‘यह केवल उड़ान नहीं, साधना है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यकिरण और सारंग की प्रस्तुति केवल हवाई प्रदर्शन नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने पायलटों के साहस और तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि जिनके लिए खतरा चुनौती है, ऊंचाई खेल का मैदान है और गति उनकी भाषा है, ऐसे वीरों पर पूरे देश को गर्व है।