सार
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने तबादला, प्रतिनियुक्ति व पदस्थापन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब प्रशासनिक विभाग की पूर्व अनुमति के बिना कोई आदेश मान्य नहीं होगा। उल्लंघन की स्थिति में आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे और अधिकारी जिम्मेदार होंगे
उमरिया, रीवा समेत 39 एडिशनल एसपी के तबादले
तबादलों में विभागों के मनमाने रवैये से नाराज सरकार ने अब कर्मचारियों के स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना को लेकर सख्ती कर दी है। राज्य सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश कु अनुसार अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना प्रशासनिक विभाग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं हो सकेगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि बिना सहमति कोई आदेश जारी किया गया तो वह स्वतः प्रभावहीन माना जाएगा और संबंधित विभागीय अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी विशेष या आपात स्थिति में बिना अनुमति आदेश जारी करना अत्यावश्यक हो, तो तुरंत प्रशासनिक विभाग को सूचना देकर अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बीते दिनों सरकार के कई विभागों ने अपने स्तर पर ही तबादले, प्रतिनियुक्ति और पदस्थापन के आदेश जारी कर दिए थे। इनमें सबसे ज्यादा मामले प्रतिनियुक्ति को लेकर सामने आते हैं। अपनी मनमानी जगह पर तबदला लेने के लिए सरकार में बड़ी संख्या में प्रतिनियुक्तियां भी करवाई गई हैं।
सरकार ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए सख्ती से रोका गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश सभी विभागों को भेज दिया गया है और इस पर तत्काल प्रभाव से अमल सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत अब बिना सक्षम अनुमति के जारी हुए सभी आदेश शून्य प्रभाव माने जाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में अफसरशाही और संगठन दोनों स्तरों पर संवेदनशील नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर गंभीरता बढ़ी है।