एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बहरोड़ थाने पर फायरिंग कर कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को छुड़ाने वाले मुख्य आरोपी राजवीर गुर्जर उर्फ लारा (32), निवासी खैरोली, थाना महेंद्रगढ़, हरियाणा को रेवाड़ी से गिरफ्तार किया है। इस पर पुलिस मुख्यालय की ओर से एक लाख का इनाम घोषित था।
गैंगस्टर राजवीर के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एके-56 रायफल, डबल मैग्जीन और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन लारा के तहत हुई, जिसे टास्क फोर्स ने विशेष रूप से इस इनामी अपराधी की धरपकड़ के लिए शुरू किया था।
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन ने बताया कि 5-6 सितम्बर 2019 की रात को हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर को स्कॉर्पियो और 31.90 लाख नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन राजवीर और उसके 30 से अधिक साथियों ने एके-47 सहित अत्याधुनिक हथियारों से थाने पर हमला कर पपला को छुड़ाया और फरार हो गए थे।
2021 में पपला गुर्जर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से उसकी महिला मित्र जिया के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। अब तक इस मामले में 32 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन राजवीर उर्फ लारा घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। राजवीर ने फरारी के दौरान मोबाइल और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी थी, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया था। टास्क फोर्स ने मुखबिर तंत्र को मजबूत करते हुए जमीनी स्तर पर ऑपरेशन को अंजाम दिया और अंततः हरियाणा में रेवाड़ी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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राजवीर ने पिछले छह वर्षों में कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, उत्तरप्रदेश, दिल्ली और हरियाणा समेत 18 से 20 राज्यों में फरारी काटी। वह विभिन्न अखाड़ों में छिपा, भेष बदलता रहा और कभी एक स्थान पर ज्यादा दिन नहीं रुका। अधिकतर समय बसों और ट्रेनों से सफर करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने न केवल मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया था, बल्कि परिवार, रिश्तेदारों और पुराने साथियों से भी कोई संपर्क नहीं रखा।
उस पर पहले से हत्या और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के मामले हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में दर्ज हैं और हत्या के एक मामले में वह जमानत पर चल रहा था। राजवीर की गिरफ्तारी में डीएसपी फूलचंद, एसआई कमलेश चौधरी, एएसआई शैलेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल राम अवतार, कांस्टेबल बृजेश शर्मा, लोकेश कुमार निर्वाण और सुधीर कुमार की विशेष भूमिका रही। कांस्टेबल सुधीर कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी में अहम योगदान दिया।