पूर्व शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने मौजूदा सरकार की शिक्षा नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता है, शिक्षा मंत्री बार-बार अपने बयान से पलट जाते हैं। भाजपा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में 17000 स्कूल बंद करने का कार्य किया था, अब फिर से बड़ी संख्या में स्कूल बंद करने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में रिकॉर्ड तोड़ स्कूलों को खोलने का काम हुआ था। आजादी के बाद से राजस्थान में 230 कॉलेज थे लेकिन पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने अपने कार्यकाल में 400 कॉलेज खोलने का काम किया।
जब ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल-कॉलेज खुले तो शिक्षा का दायरा बढ़ा था। भाजपा सरकार के पहले बजट में नाममात्र के कॉलेज खोले गए। पिछली सरकार ने कॉलेज और स्कूलों के लिए जो विकास कार्य किए थे, वह भी अब ठप पड़े हैं, यह एक कामचलाऊ सरकार है।
अंग्रेजी माध्यम की स्कूल के रिव्यू करने के सवाल पर पूर्व शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान ऐसा राज्य है, जहां पर अंग्रेजी माध्यम के स्कूल सरकार द्वारा खोले गए थे। अंग्रेजी माध्यम में सिर्फ धनवान लोगों कि बच्चे पढ़ा करते थे, लेकिन हमारी सरकार द्वारा खोले गए अंग्रेजी माध्यम में आज मध्य वर्ग और गरीब व्यक्ति का बच्चा भी पढ़ पा रहा है।
स्कूलों को बढ़ाने और संसाधन उपलब्ध कराने के स्थान पर स्कूल में बंद करने का कार्य किया जा रहा है। प्राइमरी स्तर की स्कूलों को मर्ज कर बंद करने का कार्य सरकार कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में शिक्षा को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन शिक्षा संस्थानों को कम कर मौजूदा सरकार युवाओं के साथ कुठाराघात करने का कार्य कर रही है।
भाजपा द्वारा महापुरुषों का अनादर करने के आरोप पर पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा महापुरुषों को बढ़ावा दिया है महापुरुष वो व्यक्ति होते हैं, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी प्रेरणा ले इस दिशा में हमारी सरकार की ओर से सकारात्मक प्रयास किए गए थे लेकिन वर्तमान सरकार शिक्षा व्यवस्था को धूमिल में लगी हुई है।