राजस्थान में बढ़ा वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है और हालात अब खतरनाक श्रेणी में पहुंच गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार 28 नवंबर दोपहर 12 बजे तक राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर स्तर पर दर्ज किया गया।
भिवाड़ी में AQI 369 दर्ज किया गया, जो हवा में अत्यधिक प्रदूषण का संकेत है। राजधानी जयपुर में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक मोड़ पर पहुंचकर 233 तक दर्ज हुई। वहीं श्रीगंगानगर, नागौर, जालौर और कोटा जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में रहे।
राजस्थान के प्रमुख शहरों का AQI इस प्रकार रहा :
टोंक- 227,
भिवाड़ी- 369
कोटा- 271
डूंगरपुर- 254
जयपुर- 233
जालौर- 237
नागौर- 222
चुरू- 225
बीकानेर- 226
झुंझुनूं- 221
जोधपुर- 217
राजसमंद- 213
झालावाड़- 205
पाली- 204
उदयपुर- 202
गंगानगर- 191
ये भी पढ़ें: SMS इमरजेंसी में सामान्य व गंभीर मरीजों के लिए अलग होगी व्यवस्था, स्टाॅफ बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और हवाओं की रफ्तार कम होने से प्रदूषण फैलने के बजाय नीचे ही जमा हो रहा है। इसलिए फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही।
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में श्वास संबंधी बीमारियों, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर जैसी परिस्थिति राजस्थान में भी बनने का खतरा दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित जगहों से दूर रखें, घर में एयर प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल करें। राजस्थान में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है और यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।