एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में आज राजस्थान में बंद का आह्वान किया गया है। बंद के चलते जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, डीग, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, टोंक, भीलवाड़ा, नीम का थाना, कोटा, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर में स्कूल-कॉलेजों के साथ समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में आज छुट्टी की घोषणा की गई है और इन्हीं जिलों में बंद का सबसे ज्यादा असर दिखाई देने की संभावना है। जयपुर में रामनिवास बाग से बंद समर्थन रैली शुरू की जा रही है, जिसमें बाजारों को बंद रखने के लिए कहा जा रहा है।
इधर बंद में हंगामे की स्थिति को देखते हुए प्रदेश की तीन यूनिवर्सिटीज में आज होने वाले एग्जाम भी स्थगित कर दिए गए हैं। भरतपुर से सुबह 9 से शाम 6 बजे तक इंटरनेट भी बंद रहेगा।
संयुक्त संघर्ष समिति ने टीमें बनाईं
राजस्थान में बंद को सफल बनाने के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति ने टीमें भी बनाई हैं। कांग्रेस ने बतौर पार्टी इस बंद को अपना समर्थन नहीं दिया लेकिन पार्टी के नेताओं ने इसके समर्थन में बयान दिए हैं। वहीं भाजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा ने इसे बेतुका बंद बताया है।
बाजार बंद करवाया जाएगा, रैली भी निकालेंगे
जयपुर बंद को सफल बनाने के लिए 25 टीमें बनाई गई हैं, जो बाजार बंद कराएंगी। समिति के संयोजक अनिल गोठवाल ने बताया- बंद को शांतिपूर्वक सफल बनाया जाएगा। समिति किसी भी हिंसा का समर्थन नहीं करती है। आंदोलन के बारे में सोशल मीडिया पर जो कुछ चल रहा है, उसका हम समर्थन नहीं करते। बंद के समर्थन में बड़ी रैली रामनिवास बाग से शुरू होगी, जो चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, एमआई रोड होते हुए रामनिवास बाग में आकर खत्म होगी। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन देंगे।
राजस्थान व्यापार महासंघ का समर्थन नहीं
व्यापार संघों की तरफ से भारत बंद का समर्थन नहीं किया गया है।
राजस्थान व्यापार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने भारत बंद को व्यापारियों से पूरी तरह दूर रखने का आह्वान किया है। व्यापार संघों ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सभी बाजारों में पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी विरोध के लिए बाजार को जबरदस्ती बंद करवाना उचित नहीं है। हर व्यापारी सभी समाजों के साथ हर संकट में खड़ा होता आया है और आगे भी खड़ा रहेगा।