शनिवार को राजस्थान के कई जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें राजधानी जयपुर, जोधपुर, उदयपुर शामिल हैं। हालांकि इस बार यह वेरिएंट कम घातक है। इसलिए चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इससे डरने की जरूरत नहीं है। सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों के साथ यह 5 से 7 दिन में वापस चला जाता है।
कोरोना की एंट्री केरल से हुई। इसके बाद यह महाराष्ट्र में फैला और अब यह राजस्थान में भी आ गया। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों की सघन जांच शुरू हो गई है। जोधपुर एम्स में इसके 4 मरीज मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों मरीज यहां पहले से इलाज के लिए भर्ती थे। कोरोना संक्रमित मरीजों में भोपालगढ़ के 38 वर्षीय पुरुष, फलौदी का 11 वर्षीय बच्चा, अजमेर की 12 वर्षीय लड़की और कुचामन डीडवाना का 5 माह का बच्चा शामिल है।
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राजधानी के एसएमएस अस्पताल में भी कोरोना के मरीज मिले हैं, वहीं एक मरीज उदयपुर में मिला है। जानकारी के अनुसार जयपुर व उदयपुर में कोरोना के मरीजों का वेरिएंट नया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान ने कहा कि लोगों को जे.एन. 1 स्वरूप से घबराने की जरूरत नहीं है, जो ओमिक्रॉन बीए 2.86 में हुए बदलाव से उत्पन्न हुआ है और जो भारत में प्रचलित प्रमुख कोविड-19 स्वरूप है। यह जानलेवा नहीं है। ज्यादातर मरीज इसमें घर पर ही ठीक हो रहे हैं। अस्पताल में भर्ती करवाने की नौबत नहीं आ रही है।