भारतीय जनता पार्टी में आगामी चुनावों के लिए तैयारियों का दौर जारी है। इसी क्रम में भाजपा ने हरियाणा के लिए लोकसभा प्रभारी बनाए गए सतीश पूनिया को हरियाणा प्रभार से मुक्त कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूनिया के राज्यसभा में जाने की अटकलें तेज हो रही हैं। संभावना है कि भाजपा उन्हें झुंझुनू से उपचुनाव लड़वा दे।
गौरतलब है कि राजस्थान में भाजपा के प्रमुख नेता सतीश पूनिया लोकसभा चुनावों में अजमेर और नागौर से लोकसभा सीट के लिए टिकट मांग रहे थे। हालांकि भाजपा ने उन्हें दोनों ही जगहों से टिकट नहीं दिया और जाट समुदाय को साधने के उद्देश्य से उन्हें हरियाणा लोकसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया था। लेकिन अब विधानसभा चुनावों की नई जिम्मेदारियों के चलते पूनिया को हरियाणा प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
आमेर से विधानसभा चुनाव हारने के बाद सतीश पूनिया राजस्थान में अपने लिए नए अवसर तलाश रहे थे। अब जब उन्हें हरियाणा लोकसभा चुनाव के प्रभारी पद से हटा दिया गया है तो पूनिया के राजनीतिक करियर की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावना है कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है या फिर झुंझुनू से उपचुनाव लड़वाने का निर्णय लिया जा सकता है।
भाजपा की इन निर्णयों के पीछे का प्रमुख कारण आगामी चुनावों में जाट समुदाय का समर्थन प्राप्त करना और पार्टी की स्थिति को मजबूत करना माना जा रहा है। सतीश पूनिया की लोकप्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी उनकी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण रणनीतियां बना रही है।
भाजपा द्वारा घोषित किए गए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की सूची में पूनिया का नाम अब शामिल नहीं है, जिससे यही संकेत मिलता है कि पार्टी उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप सकती है।