राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश कांग्रेस के जयपुर में आयोजित धरने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के हितों के खिलाफ काम करती आई है और भाजपा पर निराधार आरोप लगाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 70 वर्षों तक एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को गुमराह किया और उनके अधिकारों का हनन किया और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए देशहित के बड़े फैसलों से कांग्रेस को परेशानी हो रही है।
पटेल ने कांग्रेस के पूर्व शासन पर भ्रष्टाचार और अपराधों का गढ़ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि फोन टैपिंग, पेपर लीक और बड़े घूसकांड जैसी घटनाओं ने राजस्थान को बदनाम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राज्य को महिला अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे घोटालों के दलदल में धकेला।
पटेल ने जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान समिट का जिक्र करते हुए कहा कि इस समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जो राज्य में रोजगार के लाखों अवसर पैदा करेंगे। भजनलाल सरकार ने निवेश नीतियों में बदलाव कर उन्हें निवेशकों के लिए सरल बनाया है। कांग्रेस को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। पटेल ने कांग्रेस के धरने को ढोंग बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक विरोध का नाटक था। धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं की आपसी छींटाकशी और जूते, सैंडल और देशी शराब की चर्चाएं उनकी मानसिकता को उजागर करती हैं।
दिलावर बोले- जनता को गुमराह करने का प्रयास
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि भाजपा ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर वंचित समुदायों का शोषण करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन से जुड़े पंचतीर्थों का निर्माण करवाकर उनके योगदान को सम्मान दिया। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस का यह धरना केवल अपनी विफलताओं को छिपाने और जनता को गुमराह करने का प्रयास था। भाजपा ने बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए अभूतपूर्व काम किया है। भाजपा मंत्रियों ने कांग्रेस के धरने को फ्लॉप शो करार देते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कवायद बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।