क्या भजनलाल सरकार सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों को बंद करने जा रही है? राजस्थान में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की रिव्यू कमेटी गठित किए जाने के सरकारी फरमान के बाद अब प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के लिए यह बड़ा मुद्दा है, जिसकी गूंज विधानसभा में भी सुनाई देगी।
भजनलाल सरकार के इस फैसले पर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पीसीसी में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर हमला बोला। उन्होंने पूछा कि एक साल तक कमेटी क्यों नहीं बनाई? एक साल तक क्यों सोते रहे? डोटासरा ने कहा कि मदन दिलावर लगातार अनर्गल बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में 45 हजार पद कैडर बनाकर भर्ती निकाली। एक साल से 17192 पद रिक्त पद हैं, 13 हजार 552 शिक्षक और 6 हजार 640 स्टाफ के पद खाली हैं। इस पर भर्ती नहीं कराई गई।
डोटासरा ने कहा कि ये स्कूलों में आरएसस के शिक्षक लगाना चाहते हैं, इनके मन में खोट है, नीयत खराब है। ये स्कूलों में आरएसएस की विचारधारा के शिक्षक लगाने की सोच रहे हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को स्कूलों की रिव्यू कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर डोटासरा ने कहा कि पहले भी जिलों की कमेटी से बैरवा को हटना पड़ा, अब फिर कमेटी से भागना पड़ेगा। नई शिक्षा नीति में इंग्लिश मीडियम अनिवार्य करने को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के कामकाज की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में हिंदी मीडियम से भी अच्छा परिणाम रहा था।
डोटासरा ने कहा कि अब तो स्कूलों में नामांकन पौने दो लाख तक घट गया है, नई शिक्षा नीति के तहत ये ग्रामीण भाषा सिखाएंगे। नई शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा और अंग्रेजी भाषा अनिवार्य बताई गई है।
वहीं भाजपा ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों और अभिभावकों के साथ छलावा किया। इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए ना तो अंग्रेजी शिक्षकों की भर्ती की और ना ही इसके लिए बजट दिया। सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलकर कांग्रेस ने इन स्कूलों को बंद करने का षड्यंत्र किया है।