फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News : बंदी सुधार कमेटी के लिए सलाहकार बोर्ड का गठन, भाजपा विधायकों को नियुक्ति देकर झुनझुना थमाया

Fri, 11 Oct 2024 03:09 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राज्य की जेलों में बंदियों की सुधार कमेटी के लिए सलाहकार बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों के रूप में भाजपा विधायकों को मनोनीत किया गया है। ये सदस्य जेल में बंद कैदियों की सजा संबंधी सिफारिशें करके रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।
विज्ञापन
जयपुर सेंट्रल जेल - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार ने जेलों में बंदी सुधार कमेटी के लिए गठित सलाहकार बोर्ड में भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। राज्य की जेलों में बंदी सुधार के लिए गठित इन सलाहकार बोर्डों में सरकारी अधिकारियों के साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल होते हैं। गुरुवार को सरकार ने आदेश जारी कर भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया, जो बंदियों की सजा कम करने और समय से पूर्व रिहाई जैसे निर्णयों में अपनी भूमिका निभाएंगे।

विज्ञापन


क्या होगी बोर्ड की भूमिका

बंदी सुधार सलाहकार बोर्ड का मुख्य कार्य बंदियों की सजा में कमी की सिफारिश करना और समय से पहले रिहाई की रिपोर्ट सरकार को देना है। सरकारी अधिकारियों के साथ इन बोर्डों में अब भाजपा विधायकों की राय महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड में डिविजनल कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट जज और जेल अधीक्षक सरकारी सदस्य होते हैं जबकि दो गैर-सरकारी सदस्यों के रूप में विधायक या पूर्व विधायकों को नियुक्त किया जाता है।

सलाहकार बोर्ड के सदस्यों को दो वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया गया है। जयपुर सेंट्रल जेल के लिए चाकसू विधायक रामावतार बैरवा और जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीणा को नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को जैसलमेर जिला जेल के सलाहकार बोर्ड में मनोनीत किया गया है। राज्य की 9 सेंट्रल जेलों, 6 महिला बंदी सुधार गृहों और अन्य जिला जेलों में भाजपा विधायकों को सदस्य बनाया गया है।
विज्ञापन


विवाद और सवाल

यह परंपरा रही है कि सत्ता में आने वाली पार्टी अपने विधायकों को जेलों के सलाहकार बोर्ड में सदस्य बनाती है। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी कांग्रेस विधायकों और सांसदों को इस तरह के पद दिए गए थे। जानकारों का मानना है कि भाजपा विधायकों को इस बार यह पद देने से सवाल उठने लगे हैं कि क्या उन्हें सिर्फ झुनझुना थमाया गया है या उनकी भूमिका वास्तव में महत्वपूर्ण होगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा विधायक इस नियुक्ति पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें