राजस्थान की राजनीति में रविवार को बड़ी हलचल मच गई जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भारत आदिवासी पार्टी के बागीदौरा से विधायक जयकृष्ण पटेल को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह पहली बार है जब राज्य विधानसभा के किसी मौजूदा विधायक को एसीबी ने ट्रैप करके पकड़ा है।
गिरफ्तारी के बाद आज जयकृष्ण पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां एसीबी ने चार दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल दो दिन की रिमांड मंजूर की है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पटेल को 7 मई को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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इस मामले के बाद विधायक की विधानसभा सदस्यता पर भी सवाल उठने लगे हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि सदस्यता पर निर्णय कोर्ट से सजा तय होने के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कर्मचारियों के लिए नियम अलग हैं और उन्हें ट्रैप होते ही 24 घंटे में निलंबित कर दिया जाता है।
विधायक की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, जबकि एसीबी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।