फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: डूंगरपुर में 1800 करोड़ का साइबर फ्रॉड, बैंककर्मियों ने ठगों के साथ मिलकर फर्जी लेनदेन किए

Mon, 07 Jul 2025 09:13 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के डूंगरपर में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत से 500 से ज्यादा छात्रों के नाम पर फर्जी अकाउंट खोलकर लगभग 1800 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया है।
विज्ञापन
डूंगरपुर में 1800 करोड़ का साइबर फ्रॉड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने राज्य की पुलिस के मुखिया डीजीपी राजीव शर्मा को पत्र लिखकर डूंगरपुर में एक बड़े घोटाले की जांच की मांग की है। दरअसल यहां कुछ निजी बैंकों में बैंककर्मियों ने सायबर ठगों के साथ मिलकर कॉलेज स्टूडेंट्स के दस्तावेजों के आधार पर फर्जी खाते खोले और उनमें करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन कर डाला।

विज्ञापन


जब छात्रों को अपने खातों में इस हेर-फेर का पता लगा तो वे शिकायत लेकर सांसद के पास पहुंचे। जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने बैंककार्मिकों से मिलीभगत गरीब आदिवासी छात्रों से धोखे में दस्तावेज ले लिए। ठगों ने करीब 500 कॉलेज छात्रों को अपना शिकार बनाया और उनके खातों में लगभग 1800 करोड़ की ठगी की। इस मामले में सांसद राजकुमार रोत ने केंद्रीय वित्त मंत्री और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच किए जाने और बैंककर्मियों सहित मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। 

विज्ञापन


सांसद राजकुमार रोत ने बताया कि डूंगरपुर जिले में इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य बैंकों के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह बड़ा घोटाला अंजाम दिया गया। बैंक के कुछ कर्मचारियों द्वारा कॉलेज में जाकर छात्रों और उनके परिवारों को लालच दिया गया कि उनके बैंक खाते खोलकर पैन कार्ड, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और सरकारी नौकरियों के अवसर दिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: Rajasthan News: कॉल फॉरवर्डिंग से साइबर ठगी, राजस्थान पुलिस की चेतावनी, लोग अलर्ट रहें
विज्ञापन


ठगों ने इन छात्रों और उनके परिजनों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और आधार कार्ड, फोटो, दस्तावेज लेकर फर्जी तरीके से लाखों रुपये के अवैध लेनदेन किए। जब इन छात्रों ने एटीएम कार्ड मांगे तो बैंक कर्मचारियों ने तकनीकी खामी का बहाना बनाकर टाल दिया।

मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब कई छात्रों और उनके माता-पिता को पता चला कि उनके नाम से खातों का दुरुपयोग हो चुका है। जानकारी के अनुसार डूंगरपुर जिले के लगभग 500 गरीब आदिवासी छात्रों और उनके परिवारों के नाम से खोले गए खातों के जरिये लगभग 1800 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। रोत बोले पुलिस प्रशासन सायबर धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने के बजाय उल्टा पीड़ित छात्रों और उनके परिवरों को परेशान कर रही है, ये सभी छात्र गरीब परिवारों से आते हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें