राजस्थान में मानसून की सक्रियता एक बार फिर कमजोर पड़ गई है। शुक्रवार को अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई, जिससे गर्मी और उमस बढ़ गई। हालांकि, मौसम विभाग ने शनिवार, 22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
हालांकि, यह बारिश व्यापक या लगातार रहने की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार 23 अगस्त से अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ सकती हैं। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम शुष्क रहने और तापमान बढ़ने की संभावना है।
शुक्रवार को अलर्ट के बावजूद अधिकांश इलाकों में सूखा
शुक्रवार को 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा। जिन इलाकों में बारिश हुई, वहां भी अधिकांश जगह बारिश हल्की रही। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार किशनगंज और अटरू में कुल 9 मिमी, भरतपुर के बयाना, उच्चैन और वैर में 6 मिमी तथा धौलपुर में 5 मिमी बारिश दर्ज हुई। कोटा के कानावास में 3 मिमी और उदयपुर के मावली में 1 मिमी बारिश हुई।
ट्रफ लाइन राजस्थान से दूर, इसलिए मानसून कमजोर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता में ट्रफ लाइन की अहम भूमिका होती है। वर्तमान में मानसून ट्रफ उत्तर भारत की ओर खिसकी हुई है। यही वजह है कि राजस्थान में बारिश की गतिविधियां सीमित हो गई हैं। मौसम विभाग के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भी 20 से 22 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना जताई गई थी।
जयपुर में उमस बढ़ी, बारिश का इंतजार
राजधानी जयपुर में शुक्रवार को बारिश का अलर्ट होने के बावजूद ज्यादातर समय मौसम साफ रहा। हल्के बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। इसके कारण उमस बढ़ गई। जयपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को भी जयपुर में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में फिलहाल मानसून का सक्रिय दौर नहीं है। पूर्वी राजस्थान में शनिवार को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन 23 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियां फिर कम होने के आसार हैं। राजस्थान में 21 अगस्त तक बारिश की कमी 14.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है।