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Rajasthan: एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में फिर संकट, ICU में पानी भरने से 14 मरीजों को किया शिफ्ट; ये रही राहत की बात

Tue, 13 Jan 2026 10:21 AM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल ट्रोमा सेंटर के पॉलीट्रॉमा आईसीयू में पाइप लीकेज के कारण पानी भर गया, जिससे 14 गंभीर मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा। किसी मरीज की जान नहीं गई।
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एसएमएस अस्पताल। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब साढ़े तीन महीने पहले न्यूरो आईसीयू में आग लगने की घटना के बाद अब देर रात पॉलीट्रोमा आईसीयू में गंभीर हालात पैदा हो गए। इस बार आग नहीं, बल्कि पानी की वजह से संकट खड़ा हुआ, जिसके चलते 14 गंभीर मरीजों को तुरंत आईसीयू से बाहर शिफ्ट करना पड़ा।

इनमें से चार मरीजों को ट्रोमा सेंटर से दूर, मैन बिल्डिंग स्थित बांगड़ परिसर के आईसीयू में ले जाया गया। ये सभी मरीज वेंटिलेटर पर थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी मरीज की जान नहीं गई।

पाइप लीक से आईसीयू में पानी भर गया

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सूत्रों के अनुसार, ट्रोमा सेंटर की तीसरी मंजिल पर बने पॉलीट्रोमा आईसीयू के पास स्थित शाफ्ट (कॉमन डक्ट) से गुजर रही एक पाइप में अचानक लीकेज हो गया। रात करीब 11 बजे आईसीयू में पानी भर गया। स्टाफ ने तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी।

ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉ. बी.एल. यादव और न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. संजीव चौपड़ा मौके पर पहुंचे और स्टाफ की मदद से आईसीयू में भर्ती सभी 14 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। इनमें 10 मरीज वेंटिलेटर पर थे।

मरीजों को अलग-अलग वार्ड में किया गया शिफ्ट

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डॉ. यादव ने बताया कि दो मरीजों की हालत सामान्य थी, जिन्हें न्यूरोसर्जरी के जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। चार गंभीर मरीजों को बांगड़ परिसर के आईसीयू में भेजा गया। दो मरीजों को ऑपरेशन थिएटर के ऑब्जर्वेशन बेड पर रखा गया, जबकि बाकी मरीजों को ट्रोमा सेंटर के ग्राउंड फ्लोर स्थित इमरजेंसी आईसीयू बेड पर शिफ्ट किया गया।

करंट फैलने का बड़ा खतरा
हॉस्पिटल स्टाफ के अनुसार आईसीयू में करीब आधा फीट तक पानी भर गया था। फर्श पर मेडिकेटेड शीट होने के कारण पानी फैल गया, जिससे करंट फैलने का खतरा बढ़ गया। आईसीयू में कई संवेदनशील इलेक्ट्रिक मशीनें लगी थीं और किसी भी चूक से मरीजों की जान पर खतरा मंडरा सकता था।

आईसीयू 14 जनवरी से फिर चालू होने की संभावना
डॉ. यादव ने बताया कि मरीजों को शिफ्ट करने के बाद वार्ड से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। साफ-सफाई और फ्यूमिगेशन के बाद आईसीयू को दोबारा चालू किया जाएगा। संभावना है कि 14 जनवरी से पॉलीट्रोमा आईसीयू फिर से शुरू हो जाएगा।

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पीडब्ल्यूडी विंग की कार्यशैली पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर एसएमएस हॉस्पिटल की पीडब्ल्यूडी विंग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाफ्ट से पानी रिसने की समस्या पहले से थी, लेकिन समय रहते इसे ठीक नहीं किया गया। पीडब्ल्यूडी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आलोक तिवाड़ी को इसकी शिकायत दी गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसका खामियाजा कड़ाके की सर्दी में गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ा।

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