राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आज समापन हो गया। समिट के अंतिम दिन एमएसएमई कॉनक्लेव रखा गया, जहां केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संबोधित करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के पहले साल में ही भजनलाल शर्मा ने बाउंड्री पार कर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी लोगों की मेहनत देश-विदेश में देखी जा सकती है। राजस्थान को प्रकृति से कोई मदद नहीं मिलती है, फिर भी राजस्थान खुद की मेहनत के दम पर तरक्की कर रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान सरकार के निमंत्रण पर मैं आभार प्रकट करता हूं। भजनलाल सरकार की पूरी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई। उन्होंने कहा कि 35 लाख करोड़ रुपए के MoU होना बड़ी बात है। देश में आज राजस्थान की उद्यमिता की झलक मिलती है। आप कहीं पर भी जाइए आपको कोई न कोई राजस्थानी मिल ही जाएगा।
दो साल बाद फिर होगी समिट
वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। निवेशकों की मौजूदगी हमें उत्साह, हौसला देती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार दो साल बाद फिर से इनवेस्टमेंट समिट करवाएगी। उन्होंने कहा कि पहले दिन से हमारी सरकार बिजली, पानी को लेकर काम कर रही है। विकास में बिजली, पानी का मुद्दा सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई का राजस्थान की जीडीपी में 25 फीसदी योगदान है। उन्होंने कहा कि हम किए हुए एमओयूज को एग्जामिन करेंगे और कितने एमओयू धरातल पर उतरे इसका हिसाब जनता को आने वाले 11 दिसंबर को देंगे, जिनके मन में शक पैदा हो रहा उन्हें कहता हूं कि अगले 2 साल बाद 9, 10 और 11 दिसंबर को राइजिंग राजस्थान फिर से होगा और इन दो सालों में कितने काम हुए उसका हिसाब भी हम देंगे।