फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaipur News : कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो भारत की प्रगति पचा नहीं पा रही हैं- एक कार्यक्रम में बोले उपराष्ट्रपति

Wed, 11 Dec 2024 05:53 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

उपराष्ट्रपति ने आज जयपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ ऐसी ताकत देश में और बाहर हैं, जो देश की सर्वोच्च संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से अपमानित करने का काम कर रही हैं।
विज्ञापन
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के तीखे हमले झेल रहे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को जयपुर में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में और बाहर कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं और देश को खंडित और देश की संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से अपमानित करने का काम कर रही हैं।

विज्ञापन


बुधवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जयपुर के सीतापुरा में लघु उद्योग भारती द्वारा सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण किया तथा कौशल विकास केंद्र में पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि यहां मैं वक्ता के तौर पर नहीं बल्कि श्रोता के तौर पर आया हूं। मैं डॉक्टर साहब को सुनने यहां आया हूं। ऐसे स्थान पर आने से आईना दिख जाता है। उन्होंने कहा कि आज हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया में पांचवें स्थान पर पहुंच चुकी है, जो कि एक दशक पहले तक डगमगा रही थी। उन्होंने कहा कि हमारा देश 2047 तक विकसित भारत बनेगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम भारतीय हैं, राष्ट्रवाद और राष्ट्रप्रेम से कभी समझौता नहीं कर सकते। देश में जो बड़ी समस्या उभर रही है, उसका समाधान हमारे सामने है। लघु उद्योगों के मामले में भारत सरकार का मंत्रालय भी बहुत सक्रिय है। उन्होंने कहा कि भारत में चिंतन और मंदिर के बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण किया गया है, जिसमें कौशल को भी स्थान दिया गया है। डिग्री पर डिग्री लेने से कुछ नहीं होगा। किसी काम का कौशल रखने से आप समाज को अपना योगदान दे सकते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हम बाहर से उन वस्त्रों को आयात करते हैं, जो हमारे देश में बनते हैं। ऐसा करने से हमारे विदेशी मुद्रा के भंडार में छेद होता है। मुझे पता है विदेशी मुद्रा भंडार की कितनी अहमियत है। आज विदेशी मुद्रा का भंडार 700 मिलियन डॉलर हो चुका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही संस्कारवान होना भी बेहद जरूरी है। हम भौतिक आवश्यकताओं में इतने व्यस्त हैं कि बच्चों को संस्कार और नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ पा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाहक डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि हमारे देश में अमेरिका और जर्मनी का मॉडल नहीं चलेगा क्योंकि वह देश कृषि पर आधारित नहीं है। हमारे देश में 60 से 65 प्रतिशत लोग कृषि पर आधारित हैं। हमारे युवा 12 से 15 हजार की नौकरियों के लिए देशभर में जा रहे हैं। विकास का यह मॉडल हमारे देश के लिए सही नहीं है। उनके गांव के पास उन्हें रोजगार मिलना चाहिए। ताकि वे परिवार के पास रहकर अच्छे से जीवनयापन कर सकें।

लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद्र ने कहा कि ये कौशल केंद्र प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है, जिसके लोकार्पण कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल होंगे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें