राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा।
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राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपियों को जिस रफ्तार से कोर्ट से राहत मिल रही है। इसे लेकर अब विपक्ष ने भजनलाल सरकार की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सरकार की कमजोर पैरवी के चलते आरोपियों को जमानत मिल रही है।
विस्तार- राजस्थान की भजनलाल सरकार ने जिस तेजी से पेपर लीक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का काम शुरू किया था। अब कोर्ट से उतनी ही तेजी से आरोपियों को राहत भी मिल रही है। अब तक 26 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। लेकिन अब विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि एसओजी ने कोर्ट में जो सबूत दिए वे कमजोर थे इसलिए आरोपियों को जमानत मिल रही है। जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनमें से 25 ट्रेनी एसआई हैं। कोर्ट ने माना है कि एसओजी ने जो सबूत पेश किए, वे संदेहास्पद हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि बेल देना नियम है और जेल अपवाद। इसी आधार पर अब तक 26 आरोपियों को जमानत मिली है। गौरतलब है कि जांच एजेंसी एसओजी ने अपनी चार्जशीट में बताया था कि इन आरोपियों से कुछ दस्तावेज बरामद हुए थे। इन दस्तावेजों में रुपयों के लेनदेन की जानकारी लिख रखी थी। इस पर आरोपियों के वकील ने कहा कि अगर कोई आरोपी परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले 100 सवाल याद कर सकता है तो वह लेनदेन की जानकारी तीन साल तक किसी डायरी में या एडमिट कार्ड पर लिखकर क्यों रखेगा।
साजिशन राजनीतिक विरोधियों की छवि की धूमिलः डोटासरा इस मामले में गोविंद सिंह डोटासरा ने लिखा, "भाजपा ने सत्ता में आने से पहले RPSC को भंग करने एवं पेपर लीक के आरोपियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का दंभ भरा था। उन्होंने लिखा कि बीजेपी ने सत्ता हासिल करने के लिए षड्यंत्रपूर्वक राजनीतिक विरोधियों की छवि को धूमिल करने का भी कुप्रयास किया। उन्होंन कहा कि सरकार में आने के बाद थोथी वाहवाही लूटने एवं जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए केवल खानापूर्ति जैसी कार्रवाई हुई। सच ये है कि भाजपा सरकार की कमजोर पैरवी की वजह से आरोपी छूट रहे हैं एवं 'मगरमच्छ' (माफिया) अभी भी सरकार की पहुंच से बाहर हैं। सरकार ने 100 आरोपी भी नहीं पकड़े और हालात ये हैं कि पकड़े गए ज्यादातर आरोपी भी जमानत पर रिहा हो रहे हैं। सिर्फ झूठा माहौल बनाने से हालात नहीं बदलते।