Jaipur: हर्षवर्धन को जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 में धांधली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एसआईटी ने उसे नेपाल बॉर्डर से पकड़ा था। हर्षवर्धन की पत्नी सरिता मीणा भी पेपर लीक में लिप्त पाई गई थी
राजस्थान सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के तहत पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर संगठित अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिससे कड़े संदेश दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के मुख्य आरोपी हर्षवर्धन को दौसा कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी पदों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि हर्षवर्धन को जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 में धांधली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एसआईटी ने उसे नेपाल बॉर्डर से पकड़ा था। हर्षवर्धन की पत्नी सरिता मीणा भी पेपर लीक में लिप्त पाई गई थी और उसे भीलवाड़ा कलेक्टर ने पहले ही बर्खास्त कर दिया था। सरिता ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
अब तक 86 कर्मचारी बर्खास्त, 189 पर कार्रवाई जारी
एसओजी-एटीएस के एडीजी वी.के. सिंह की प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते अब तक 86 राज्यकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। इनमें 45 आरोपी एसआई भर्ती परीक्षा घोटाले में शामिल थे। इसके अलावा, 189 अन्य राज्यकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच प्रक्रियाधीन है और जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है। राज्य सरकार का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि पेपर लीक मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।