राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। जयपुर में पेट्रोल ₹112.66 और डीजल ₹97.78 प्रति लीटर पहुंच गया। बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से वैट और रोड सेस घटाने की मांग की है।
राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। नई दरों के बाद पेट्रोल 112.66 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.78 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं एक्सपी (XP) पेट्रोल की कीमत बढ़कर 121.97 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
15 मई को जयपुर में ये थे पेट्रोल के दाम
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन खर्च बढ़ने से सब्जियों, फल, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के मौसम और बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत के बीच ईंधन की यह बढ़ोतरी महंगाई का दबाव और बढ़ा सकती है।
10 दिन में पेट्रोल और डीजल के दाम 3 बार बढ़ाए जा चुके हैं। इनमें पेट्रोल पर लगभग 7 रुपए 94 पैसे रुपए लीटर और डीजल पर 7.57 रुपए प्रति का इजाफा हुआ है। बाजार की बात करें तो लगभग खाद्य पदार्थों, कपड़ों और जूतों से लेकर से लेकर अन्य जरूरत के सामानों की कीमतों पर इसका असर देखने को मिल रहा है।
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पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही डीलर्स एसोसिएशन की मांग: राजस्थान सरकार VAT घटाए, आमजन को राहत दे
डीलर्स एसोसिएशन ने दावा किया कि राजस्थान सरकार को पेट्रोल-डीजल पर प्रतिशत आधारित वैट प्रणाली के कारण कीमतें बढ़ने के साथ स्वतः ज्यादा राजस्व मिल रहा है। ज्ञापन के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल से कुल वैट व रोड सेस राजस्व 39.51 रुपए प्रति लीटर था, जो 19 मई 2026 तक बढ़कर 41.04 रुपए प्रति लीटर हो गया।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि बढ़े हुए राजस्व का कुछ हिस्सा आमजन और किसानों को राहत देने के लिए वैट में कटौती के रूप में लौटाया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व कम कर जनता को राहत देनी चाहिए। RPDA ने यह भी सुझाव दिया कि रोड सेस में कमी कर परिवहन लागत को नियंत्रित किया जा सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे महंगाई पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।