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Rajasthan Election: वसुंधरा से ज्यादा चर्चा में हैं ये राजकुमारी, जिन्हें पहनाया जा सकता है 'राजस्थान का ताज'

Fri, 24 Nov 2023 03:36 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

MP Diya Kumari: सांसद दीया कुमारी को बीजेपी ने राजधानी जयपुर के तहत आने वाली विद्याधर नगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। अभी वह राजसमंद लोकसभा सीट से सांसद हैं। वहीं, सियासी हल्कों में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से भी ज्यादा चर्चा दीया कुमारी की हो रही है।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में इन दिनों एक नाम खूब सियासी गलियारों में दौड़ रहा है। वह नाम है राजकुमारी दीया सिंह का। दीया कुमारी जयपुर के पूर्व महाराजा दिवंगत ब्रिगेडियर भवानी सिंह की इकलौती बेटी हैं, जिन्हें साल 1971 के युद्ध में उनकी वीरता के लिए महावीर चक्र मिला था।

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बता दें कि राजकुमारी दीया ने जयपुर के राजमहल में ही काम करने वाले एक कर्मचारी नरेंद्र सिंह से शादी कर ली थी। शादी के 21 साल बाद साल 2019 में दोनों का तलाक हो गया, दीया कुमारी के तीन बच्चे हैं।



राजे ने करवाई सियासत में एंट्री
दीया कुमारी की सियासत में एंट्री पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ही करवाई थी। साल 2013 में जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान दीया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद दीया को सवाई माधोपुर से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया और वह साल 2013 से 2018 तक सवाई माधोपुर से विधायक रहीं। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राजसमंद से चुनावी मैदान में उतारा और उन्होंने एक बार फिर जीत दर्ज की।
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दीया कुमार और वसुंधरा राजे

दीया कुमारी ने 2013 में सवाई माधोपुर से राजस्थान विधानसभा का चुनाव लड़ा और कांग्रेस के शक्तिशाली उम्मीदवार रहे डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को हरा दिया। कृषक आदिवासी मीणा समुदाय के नेता किरोड़ीलाल अब भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें मौजूदा विधानसभा चुनाव में सवाई माधोपुर सीट से चुनाव लड़ने को कहा है। दिलचस्प बात है कि अब वही दीया कुमारी, किरोड़ीलाल मीणा के लिए सवाई माधोपुर में वोट मांगी।



साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दीया कुमारी को राजसमंद निर्वाचन सीट से खड़ा किया गया था। जबकि वह अपनी मूल जयपुर सीट से चुनाव लड़ना चाह रही थीं। राजसमंद एक जटिल लोकसभा क्षेत्र रहा है, जिसमें दूरदराज के जिलों में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। हालांकि, मोदी लहर में दीया ने कांग्रेस के देवकीनंदन को पांच लाख 50 हजार वाटों से अंतर से बड़ी हार दी।

बहरहाल, दीया कुमारी राष्ट्रीय राजनीति में बने रहना चाहती थीं। लेकिन पार्टी ने उन्हें फिर से विधानसभा चुनाव में उतार दिया। भाजपा ने उन्हें जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को कहा है। इस सीट का प्रतिनिधित्व दिवंगत भाजपा दिग्गज भैरौ सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी ने तीन बार किया था।

राजवी, जिन्हें वसुंधरा राजे के करीबी के रूप में देखा जाता है। राजनी को पहले चुनाव टिकट से वंचित कर दिया गया था। लेकिन फिर चित्तौड़गढ़ से टिकट दिया गया है। यहां से वह एक बार पहले चुनाव जीत चुके हैं। उधर, कांग्रेस ने दीया कुमारी के खिलाफ फिर से एक व्यवसायी सीताराम अग्रवाल को मैदान में उतारा है, जो 2018 के विधानसभा चुनाव में राजवी से बड़े अंतर से हार गए थे। ऐसे में राजकुमारी की जीत तय मानी जा रही है।

कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाया है, यदि भाजपा राजस्थान में विधानसभा चुनाव जीतती है, तो बेहद लोकप्रिय वसुंधरा राजे की जगह दीया कुमारी राज्य की अगली मुख्यमंत्री हो सकती हैं। क्योंकि वसुंधरा नरेंद्र मोदी और अमित शाह की विश्वासपात्रों की सूची में नहीं हैं।
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हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या आप मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं? तो उन्होंने इसे एक काल्पनिक प्रश्न कहते हुए कहा कि मीडिया अपनी सुर्खियां बनाने के लिए अक्सर ऐसा पूछता है। वैसे उन्होंने कहा कि नतीजे आने के बाद बीजेपी नेतृत्व तय करेगा कि राज्य में सरकार का नेतृत्व कौन करेगा।

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