दोनों ही दलों ने अनुभव को प्राथमिकता दी है।
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कहते हैं कि सियासत में दिखाया जाता है वह होता नहीं और जो होता है वह दिखता नहीं। कांग्रेस और बीजेपी के बड़े नेता कई बार मंच पर युवाओं को राजनीति में आने का आव्हान करते सुनाई पड़ जाते हैं। लेकिन जब टिकट बंटवारे की बात आती है तो युवा और महिला सबसे पीछे की कतार में नजर आते हैं।
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही कुछ दिख रहा है। कांग्रेस ने उदयपुर में हुए अपने चिंतन शिविर में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके देने का फैसला किया था और बात यह भी आई थी कि चुनावों में भी युवाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिए जाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि कांग्रेस की सूची में 71 वर्ष से अधिक आयु के 19 नेता हैं। इनमें भी तीन तो अस्सी पार हैं। वहीं भाजपा भी अक्सर युवाओं को आगे बढ़ाने की बात करती है। इसने इस बार 75 वर्ष की सीमा तो तय की, लेकिन 71 वर्ष की आयु पार इसके भी नौ प्रत्याशी हैं।
सामान्य जनजीवन में युवा 40 वर्ष तक के लोगों को माना जाता है। राजनीति में यह उम्र 50 भी मान ली जाए तो भी कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा में जाने की इच्छा रखने वाले युवा नेताओं को निराश किया है। आइए देखते हैं दोनों दलों ने किस आयु वर्ग के नेताओं पर ज्यादा भरोसा किया है।
भाजपा में 51 से 75 आयु तक 135 टिकट
भाजपा ने हालांकि इस बार 80 पार के दिग्गज नेताओं कैलाश मेघवाल और सूर्यकांता व्यास के टिकट काटे हैं और 75 वर्ष से अधिक आयु के किसी नेता को टिकट नहीं दिया है, लेकिन इस 51 से 75 वर्ष की उम्र में ही इसने 200 में से 135 टिकट दे डाले हैं।
भाजपा के 70 पार प्रमुख प्रत्याशी
- वसुदेव देवनानी, 75 वर्ष
- रतन जलधारी, 74 वर्ष
- कालीचरण सराफ, पब्बाराम विश्नोई, नरपत सिंह राजवी और किरोडीलाल मीणा, सभी 72 वर्ष
- वसुंधरा राजे - 70 वर्ष
सबसे युवा प्रत्याशी
बीजेपी प्रत्याशियों की आयु
- 30 साल से कम 0
- 31 से 40 तक 18 (प्रतिशत में 9.00)
- 41 से 50 तक 47 (प्रतिशत में 23.50)
- 51 से 60 तक 67 (प्रतिशत में 35.50)
- और 60 से अधिक आयु के 68 (प्रतिशत में 34.00)
- औसत आयु 55 वर्ष
कांग्रेस ने दिखाया युवाओं में कुछ ज्यादा भरोसा
राजनीति में 50 वर्ष की आयु को भी युवावस्था में गिना जाता है और इस दृष्टि से देखें तो कांग्रेस ने युवाओं पर ज्यादा भरोसा दिखाया है। इसके प्रत्याशियों में से 79 प्रत्याशी 50 वर्ष तक की आयु के हैं। हालांकि इसने 80 वर्ष से अधिक आयु के नेताओं को भी तीन टिकट दिए हैं, लेकिन 40 वर्ष तक की आयु वर्ग में इसके 34 प्रत्याशी हैं जो भाजपा से लगभग दोगुने हैं।
कांग्रेस के सबसे उम्रदराज प्रत्याशी
- अमीन खान - 84 वर्ष
- दीपचंद खेरिया और हरिमोहन शर्मा- 83 वर्ष
- महादेव सिंह - 80 वर्ष
कांग्रेस के सबसे युवा प्रत्याशी
- कठूमर से संजना जाटव - 25 वर्ष
कांग्रेस प्रत्याशियों की आयु
- 30 साल से कम 3 (प्रतिशत में 1.50)
- 31 से 40 तक 31 (प्रतिशत में 15.30)
- 41 से 50 तक 45 (प्रतिशत में 22.50)
- 51 से 60 तक 50 (प्रतिशत में 25.00)
- और 60 से अधिक आयु के 70 (प्रतिशत में 35.50)
- औसत आयु 52 वर्ष
उम्र के लिहाज से रोचक मुकाबले
- इस चुनाव में उम्र के हिसाब से कुछ रोचक मुकाबले हैं, जिनमें दोनों दलों के प्रत्याशियो की उम्र के बीच लगभग दोगुने का अंतर है। ऐसे प्रमुख रोचक मुकाबले निम्न हैं-
- कठूमर में कांग्रेस की 25 वर्ष की संजना जाटव का मुकाबला भाजपा के 66 वर्षीय रमेश खींची से है।
- कोलायत सीट पर भाजपा के 27 वर्ष के अंशुमान सिंह कांग्रेस के 49 वर्ष के भंवर सिंह भाटी से भिडेंगे।
- सूरसागर सीट से कांग्रेस के 28 वर्षीय शहजाद अयूब भाजपा के 63 वर्षीय देवेंद्र जोशी के साथ चुनाव मैदान में हैं।
- शिव सीट पर भाजपा के 47 वर्ष के स्वरूप सिंह खारा का मुकाबला कांग्रेस के 84 वर्ष के अमीन खान से होगा।
- खंडेला सीट पर भाजपा के 45 वर्षीय सुभाष मील, कांग्रेस के 80 वर्षीय महादेव सिंह से चुनावी मुकाबला करेंगे।