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Rajasthan Election 2023: भाजपा के लिए राजस्थान 'केंद्र-शासित', पांच राज्यों के 200 विधायक संभालेंगे चुनावी काम

Fri, 04 Aug 2023 01:34 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

भाजपा राजस्थान के विधानसभा चुनाव केंद्रीय नेताओं की निगरानी में लड़ेगी। पूरी तरह से केंद्र की नजर रहेगी। आसपास के राज्यों के 200 विधायकों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिनकी रिपोर्टिंग केंद्र को रहेगी। 
 
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राजस्थान में भाजपा ने पांच राज्यों के 200 विधायकों को उतारने की तैयारी की है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजस्थान विधानसभा के लिए खास रणनीति बनाई है। 200 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी पांच राज्यों के 200 विधायकों को सौंपी है। यह विधायक राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे। वहां पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उनकी रिपोर्टिंग केंद्रीय नेतृत्व को रहेगी। इस बार के चुनावों को पार्टी केंद्रीय नेताओं की निगरानी में लड़ने का फैसला कर चुकी है। 

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भाजपा हमेशा से चुनावों में नवाचार में आगे रही है। इसी कड़ी में पांच राज्यों के विधायकों को राजस्थान के चुनावी समर में झोंका जा रहा है। यह विधायक हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश से आएंगे। अगस्त में एक हफ्ते तक हर विधानसभा की अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। भाजपा की योजनाओं की स्थिति, आम लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, उन्हें लेकर क्या काम हुआ, इसके बारे में जानकारी जुटाएंगे। 

पीएम के नेतृत्व में लड़ेगी भाजपा
राजस्थान में एक अगस्त को महा-घेराव का आयोजन हुआ था। भाजपा के इस प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी नजर थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीकर आए थे तो उन्होंने नारा दिया था- 'जीतेगा कमल और खिलेगा कमल'। इसके बाद उन्होंने 'नहीं सहेगा राजस्थान' अभियान और सचिवालय घेराव के दिन ट्वीट कर स्पष्ट संकेत दिए थे। साफ है कि राजस्थान में जीत के लिए भाजपा ने बड़ा प्लान बनाया है। 200 विधायकों को उतारने की योजना भी केंद्रीय स्तर पर बनी है। यह अपने तरह का पहला प्रयोग होगा। 
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क्या करेंगे विधायक राजस्थान में 
भाजपा की राजस्थान इकाई में भाजपा गुटबाजी में उलझी है। इस वजह से निष्पक्षता की उम्मीद कम ही है। ऐसे में बाहर से आए विधायकों को राजस्थान में उतारने से पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें क्या और कैसे करना है? सूत्रों का दावा है कि यह एक फीडबैक सर्वे जैसा होगा। केंद्र जमीनी हकीकत को जानना चाहता है, जिसके लिए विधायकों की टीम को लगाया गया है। यह सब काम विधायक अपने स्तर पर करेंगे। स्थानीय नेताओं की मदद नहीं लेंगे।  

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