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Rajasthan Tiger Reserve: कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व बनने की ओर बड़ा कदम, दो नए सफारी रूट और पैंथर सफारी की तैयारी

Wed, 11 Mar 2026 02:32 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान सरकार ने प्रस्तावित कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व को अधिसूचना के करीब बताया है। क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने के लिए दो नए सफारी रूट प्रस्तावित किए गए हैं और पैंथर सफारी की भी योजना है। इसमें कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य और टोडगढ़-रावली वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।
 
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कुंभलगढ़।फोटो - अमर उजाला
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 राजस्थान सरकार ने कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। साथ ही इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए दो नए सफारी रूट प्रस्तावित किए गए हैं तथा एक समर्पित पैंथर सफारी शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित टाइगर रिजर्व(जिसमें कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (राजसमंद) और टोडगढ़-रावली वन्यजीव अभयारण्य (ब्यावर) शामिल हैं) को 24 अगस्त 2023 को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इससे पहले उसी महीने इसकी तकनीकी समिति ने भी इसे मंजूरी दी थी।

मंत्री ने बताया कि 24 जुलाई 2024 को 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी, जिसका काम क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और बफर क्षेत्र का निर्धारण करना था। इस समिति ने 24 अक्टूबर 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बाद में 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा हुई। 11 अक्टूबर 2025 को विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद कोर क्षेत्र का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया। इसके बाद NTCA ने कुछ आपत्तियां जताईं, जिन पर राज्य सरकार ने 24 फरवरी 2026 को अनुपालन रिपोर्ट भेज दी।

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NTCA ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व की चौड़ाई बढ़ाने की सिफारिश भी की है। इसके लिए राजसमंद जिला, पाली जिला और ब्यावर जिला में अतिरिक्त भूमि की पहचान की गई है। वन विभाग ने इस भूमि के हस्तांतरण के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा है।
पर्यटन विकास के बारे में मंत्री ने कहा कि चूंकि अभी टाइगर रिजर्व को औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है, इसलिए पर्यटन में संभावित वृद्धि का आधिकारिक आकलन नहीं किया गया है। हालांकि, उन्होंने बताया कि कुंभलगढ़ अभयारण्य और टोडगढ़-अरावली क्षेत्र में पहले से सफारी रूट संचालित हो रहे हैं। अब दो नए सफारी रूट, कालीघाट से भीलबेरी और फूलास से गोरम घाट प्रस्तावित किए गए हैं।

इसके अलावा सरकार समर्पित पैंथर सफारी के लिए भी नए रूट तलाशने को तैयार है। मंत्री ने विधायकों से सुझाव मांगे हैं और कहा कि नए सफारी गेट खोलने से पहले व्यवहार्यता अध्ययन कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अरावली क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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