एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 26 मई तक इस मामले को लेकर सरकार कोई निर्णय नहीं करती है तो प्रक्रिया में शामिल लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इससे पहले राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले में 13 मई को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक बुलाई थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के चलते युद्ध जैसे हालात बन गए, जिससे कई सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। अब सरकार ने 21 मई को इस मामले को लेकर बैठक बुलाई है।
कैबिनेट सब कमेटी 21 को
इधर सरकार ने पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट को बताया था कि 13 मई को एसआई भर्ती को लेकर कैबिनेट सब कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी, लेकिन 13 मई को बुलाई गई बैठक में सिर्फ अध्यक्ष जोगाराम पटेल और सदस्य मंजू वाघमार ही उपस्थित रहे। शेष सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो पाए। इसके लिए अगली बैठक 21 मई को प्रस्तावित कर दी गई। जबकि हाईकोर्ट ने 15 तक की डेडलाइन दे रखी है।
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पिछली सुनवाई में सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट को बताया था कि 21 फरवरी को जारी कोर्ट के निर्देशों की पालना में अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया। फरवरी में कोर्ट ने सरकार को कार्रवाई के लिए 2 महीने का समय दिया था। इसके बाद हुई सुनवाई में सरकारी पक्ष ने 13 मई को सब कमेटी की बैठक का हवाला देते हुए समय मांगा। हालांकि जस्टिस समीर जैन ने सरकार को 15 मई का समय देते हुए यह चेतावनी दी थी कि तय समय के अंदर सरकार कोई निर्णय नहीं करती है तो हाईकोर्ट इस बारे में अपना फैसला सुना देगा।