सार
आरजीएचएस में फर्जी बिलिंग और अनधिकृत क्लेम रोकने के लिए नया एकीकृत बिलिंग सॉफ्टवेयर शुरू होगा। अस्पतालों के इलाज संबंधी दावों का ऑनलाइन सत्यापन होगा। फर्जी मरीज, अनावश्यक दवा या बिल मिलने पर अस्पताल की संबद्धता खत्म होगी और कानूनी कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
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राजस्थान के सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में फर्जीवाड़े और फर्जी बिलिंग पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं।
योजना के पारदर्शी संचालन के लिए आरजीएचएस का नया और एकीकृत बिलिंग सिस्टम शुरू किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरजीएचएस से जुड़े अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर किया जाए और गड़बड़ी करने वाले संस्थानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
फर्जी बिलिंग रोकने के लिए नया सॉफ्टवेयर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा बैठक में कहा कि आरजीएचएस के तहत फर्जी बिलिंग रोकने में नया बिलिंग सिस्टम प्रभावी साबित होगा। अब तक इस्तेमाल हो रही बिलिंग व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों को दूर करते हुए यह सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसके जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों की ओर से किए गए इलाज संबंधी दावों का ऑनलाइन और त्वरित सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस का अपना बिलिंग ढांचा बनने से फर्जी दावों और अनधिकृत क्लेम पर अंकुश लगेगा। इससे सरकारी राजस्व की भी बचत होगी।
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अस्पतालों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने आरजीएचएस से जुड़े अस्पतालों के निरीक्षण और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की नियमित जांच की जाए। यदि कोई अस्पताल फर्जी मरीज दिखाने, अनावश्यक दवाएं लिखने या फर्जी बिल बनाने का दोषी पाया जाता है तो उसकी संबद्धता तत्काल खत्म की जाए। साथ ही संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
लाभार्थियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
नए बिलिंग सिस्टम के लागू होने से आरजीएचएस लाभार्थियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। नए डिजिटल तंत्र के तहत मरीज के इलाज, जांच और दवाओं का विवरण रियल टाइम में दर्ज किया जाएगा। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक लाभार्थियों को बिना बाधा के बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।