ओड़िशा के पूर्व डीजीपी वीबी मोहंती हुए बरी, जर्मन महिला से दुष्कर्म का दोषी बेटा बिट्टीहोत्रा मोहंती
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जर्मन महिला से दुष्कर्म के दोषी बिट्टीहोत्रा मोहंती को पैरोल पर फरार करवाने के मामले में ओडिशा के पूर्व डीजीपी विद्याभूषण (वीबी) मोहंती को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला करीब 19 साल पुराना है।
एसीजेएम कोर्ट नंबर 4 जयपुर मेट्रो-2 ने अपने फैसले में माना कि वीबी मोहंती ने न तो अपने बेटे को किसी प्रकार की सुरक्षा दी और न ही उसे पकड़ने में कोई बाधा उत्पन्न की। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से बिना ठोस सबूत और जांच के चालान पेश किया गया था।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, साल 2006 में अलवर की एक अदालत ने बिट्टीहोत्रा मोहंती को एक जर्मन महिला से दुष्कर्म के मामले में 7 साल की सजा सुनाई थी। वह जयपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। उसी साल उसे अपनी बीमार मां से मिलने के लिए 15 दिन की पैरोल मिली, लेकिन वह पैरोल के दौरान फरार हो गया।
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बिट्टी के फरार होने के बाद आरोप लगा कि उसके पिता और उस समय ओड़िशा के डीजीपी रहे वीबी मोहंती ने उसे भगाने में मदद की। इस आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
कोर्ट सुनवाई में क्या हुआ?
कोर्ट ने कहा कि पुलिस की जांच में यह साबित नहीं हो सका कि वीबी मोहंती ने बेटे को फरार करने में कोई भूमिका निभाई। साथ ही जांच में ठोस सबूत नहीं मिलने के चलते कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।
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