सीएम अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा ने लिखा, मैं पूछना चाहूंगा ये हुंकार देश के लिए क्यों नहीं? बेटियों की चिंता मणिपुर के लिए क्यों नहीं? जहां डबल इंजन की सरकारें हैं, उन राज्यों के लिए क्यों नहीं? देश भर के गरीब, दलित और किसान की चिंता क्यों नहीं? जबकि राजस्थान एकमात्र राज्य है, जहां सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
मंहगाई राहत कैंप के माध्यम से गरीबों को देश में आसमान छूती महंगाई से सीधे राहत प्रदान की जा रही है, कर्ज के मर्ज से परेशान किसानों को सीधी राहत देते हुए 15,500 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया है। राज्य के 20.77 लाख किसान इससे लाभान्वित हुए हैं और किसानों को हर महीने दो हजार यूनिट मुफ्त बिजली की सौगात सहित अनेकों योजनाओं से उन्हें संबल दिया जा रहा है।
गरीबों के लिए, दलित भाइयों के लिए, पिछड़ों के लिए शानदार फैसले प्रदेश सरकार ने किए हैं। लेकिन फिर भी देश के प्रधानमंत्री ने एक चुनी हुई राज्य सरकार पर इस रूप में राजनीति से प्रेरित आरोप लगाए हैं यह देखकर प्रदेश हतप्रभ है, ऐसी राजनीति किसी भी स्थिति में 'नहीं सहेगा राजस्थान'।
महज़ 1 मुस्लिम प्रत्याशी उतारने वाली BJP के अब बयानों में सुर बदल रहे
अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ट्वीट कर यह भी लिखा कि पिछली बार एजेंडे के तहत 200 में से सिर्फ़ एक सीट पर और वो भी तत्कालीन CM के एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बाद, महज़ एक मुस्लिम प्रत्याशी उतारने वाली BJP के अब बयानों में सुर बदल रहे हैं। राजस्थान में रिवाज़ बदलना तय देख किसी भी तरह से सत्ता में आने का सपना देख रहे BJP नेता कहते हैं, मुसलमानों को टिकट देने पर विचार किया जाएगा' और 'जो गलती प्रदेश के अल्पसंख्यकों ने 2018 में की थी, उसे दोहराना नहीं है। राठौड़ जी गलती अल्पसंख्यकों ने नहीं की, बल्कि उनके साथ धोखा BJP ने किया और एक बार फिर धोखा और गुमराह करने का षड्यंत्र शुरू हो गया है। लेकिन अब ये खेल 'नहीं सहेगा राजस्थान।'