राजस्थान में कांग्रेस इस बार सभी 7 सीटों पर उपचुनाव लड़ने जा रही है। लोकसभा चुनावों में बना इंडी गठबंधन उपचुनावों में टूट गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस सातों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने जा रही है। कांग्रेस वॉर रूम में प्रमुख नेताओं की बैठक के पश्चात डोटासरा ने कहा कि सातों सीटों पर पूरी तैयारी है, न हमसे किसी ने गठबंधन के लिए संपर्क किया न ही हमने किसी से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन केंद्रीय स्तर पर है, उपचुनाव में नहीं है, हम हाईकमान का जो भी आदेश होगा वो मानेंगे पर स्टेट लीडरशिप गठबंधन के पक्ष में नहीं है।
रंधावा पैनल लेकर दिल्ली रवाना
वहीं इस बैठक के बाद प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सातों सीटों के पैनल लेकर दिल्ली रवाना हो गए। डोटासरा ने कहा कि हाईकमान से चर्चा के बाद नाम फाइनल कर घोषित कर दिए जाएंगे।
भाजपा की नाकामियों को जनता के बीच लेकर जाएंगे
डोटासरा ने कहा कि बैठक में तय हुआ है कि भाजपा के 10 माह के शासन की नाकामियों को जनता के बीच लेकर जाएंगे, सरकार ने राजस्थान का बेड़ा गर्क कर दिया है, हमारी सरकार ने चिरंजीवी सहित कई लोक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की थीं जिन्हें समीक्षा के नाम पर बंद कर दिया गया। ये लोग केवल सीबीआई, इनकम टैक्स और ईडी के आधार शासन कर रहे हैं, सरकार कौन चला रहा है, रिमोट कंट्रोल किसके पास है, जनता को सब पता है। निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए विदेश दौरे पर सैर सपाटे के नाम पर 40 करोड़ रुपए खर्च कर दिए।
रंधावा बोले परिवारवाद में कोई हर्ज नहीं
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने परिवारवाद को लेकर कहा कि अगर किसी नेता के बेटे-बेटी या अन्य रिश्तेदार अच्छा काम कर रहे हैं, तो उन्हें टिकट देने में कोई हर्ज नहीं है। मैं भी परिवारवाद से ही आता हूं, मेरे पिता मंत्री और पीसीसी अध्यक्ष रहे हैं। रंधावा ने कहा कि हमने सेंट्रल इलेक्शन कमेटी को सातों सीटों पर नाम सौंप दिए हैं, हम उपचुनाव इसलिए जीत रहे हैं, चूंकि 10 माह के शासन में पर्ची सरकार फैल रही है।