राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र।
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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही सियासी उथल-पुथल भी शुरू हो गई है। सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे बजट सत्र से ही किनारा कर लिया है। अब सरकार ने उनके विभागों से जुड़े सवालों के जवाब की जिम्मेदारी अन्य दो मंत्रियों को दे दी है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अब शेष बजट सत्र में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह अब सरकार ने कैबिनेट मंत्री ओटाराम देवासी और राज्य मंत्री केके विश्नोई को उनके विभागों के जवाब देने की जिम्मेदारी दे दी है। सत्र के पहले ही दिन किरोड़ी लाल मीणा सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह संकेत दे दिए थे कि वे बजट सत्र का अघोषित बहिष्कार करने जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्या का हावाला देते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पहले ही अवकाश का आवेदन कर दिया था। आज देवनानी सदन को इसकी जानकारी देंगे।
सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के विभागों से संबंधित प्रस्तावों के अनुमोदन और जवाब के लिए मंत्री ओटाराम देवासी ग्रामीण विकास विभाग और आपदा प्रबंधन एवं सहायता नागरिक शिक्षा विभाग से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। वहीं, केके विश्नोई कृषि उद्यानिकी, जन अभाव अभियोग निराकरण, पंचायती राज के अधीनस्थ कृषि विभाग के जवाब देंगे।
विपक्ष के लिए किरोड़ी बने मुद्दा
हालांकि किरोड़ी की नाराजगी को लेकर सत्ता पक्ष की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी बार-बार सदन में किरोड़ी लाल मीणा की नाराजगी का जिक्र करते हैं। किरोड़ी की गैरहाजिरी को लेकर भी सदन में कई बार हंगामा हो चुका है।