जयपुर में राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बजट को “नीरस, दिशाहीन और जनता के हितों से कोसों दूर” बताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार अब ट्रबल इंजन बन चुकी है। उनके अनुसार यह सरकार जनता को राहत देने के बजाय परेशान कर रही है।
विधानसभा में कटाक्ष और राजनीतिक टिप्पणी
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में इतना नीरस बजट पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक ऊबकर सोते नजर आए। कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि बजट के दौरान उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री को बराबर बार पानी का गिलास दिया गया, लेकिन आम जनता को कोई ठोस राहत नहीं मिली।
शिक्षा बजट और आपदा राहत पर सवाल
शिक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट में सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए 2.10 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जबकि बजट में केवल 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए घोषित 800 करोड़ रुपये में से एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ और इस बार भी सिर्फ 500 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है।
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रोजगार और भर्ती प्रक्रिया पर चिंता
रोजगार के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि बजट में एक भी नई सरकारी नौकरी की घोषणा नहीं की गई। उन्होंने पेपर लीक मामलों में कमजोर पैरवी का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबूलाल कटारा जैसे आरोपी बाहर आ गए। उनके अनुसार केवल 3,000 संविदा कर्मियों और 5,000 होमगार्ड बढ़ाने की बात कही गई है, जबकि प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।
यमुना जल परियोजना और अन्य योजनाओं पर आरोप
यमुना जल परियोजना का उल्लेख करते हुए डोटासरा ने कहा कि सरकार बड़े दावे कर रही है, लेकिन अब तक एक रुपये का भी बजट आवंटन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में चार महीने में डीपीआर तैयार करने की घोषणा हुई थी, लेकिन दो वर्ष बाद भी डीपीआर तैयार नहीं हुई। इसके साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन, ईआरसीपी, स्वास्थ्य सेवाओं और आरजीएचएस योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, युवा, महिलाएं और कर्मचारी किसी भी वर्ग के लिए ठोस प्रावधान नजर नहीं आते, जबकि 1.55 लाख पद खाली पड़े हैं और भर्ती पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई।