राजस्थान सरकार ने विधानसभा में अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर दिया है। डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान की नई संभावनाओं वाला बजट इसे करार देते हुए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बार बजट का कुल आकार करीब 6 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान था। पिछले साल बजट का आकार 5 लाख 37 हजार करोड़ रुपये था। चलिए यहां बता रहे हैं आपको किन-किन क्षेत्रों में राहत मिली है।
भारी मालवाहक वाहनों (16.5 टन से अधिक) के लिए अब सालाना टैक्स भरना अनिवार्य नहीं होगा। इसके बजाय वन-टाइम पेमेंट का विकल्प दिया जाएगा। इसके अलावा, पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स की दरों को संशोधित किया जाएगा। 6 साल पुराने ट्रांसपोर्ट वाहन और 15 साल पुराने प्राइवेट वाहन इसके दायरे में आएंगे।
जमीन और रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी
राजस्थान सरकार ने ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। अब घर बैठे जमीन और संपत्ति का रजिस्ट्रेशन, डिजिटल वेरिफिकेशन और सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध होगी। पहले केवल 50 उप-पंजीयन कार्यालयों को अपग्रेड किया जाना था, लेकिन अब प्रदेश के सभी 106 कार्यालयों को 'मॉडल ऑफिस' के रूप में विकसित किया जाएगा।साथ ही, रजिस्ट्री से जुड़ी अपीलों का अधिकतम 60 दिन में निपटारा अनिवार्य होगा। इससे भूमि और संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा।
खनन और M-Sand में नए बदलाव
छोटी खातेदारी जमीन (1 हेक्टेयर और 0.18 हेक्टेयर से कम) पर अब खनन की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आवेदन समय में लगने वाली प्रीमियम राशि को 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष में 100 नए खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जाएगी। वहीं, सरकारी निर्माण कार्यों में M-Sand का उपयोग चरणबद्ध तरीके से 25% से बढ़ाकर 50% करना अनिवार्य होगा। इससे नदियों से बजरी निकालने पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
पिछले बजट में किस क्षेत्र के लिए क्या एलान किए गए थे
पिछले बजट में सरकार ने राजस्थान रोजगार नीति-2025, 500 करोड़ रुपये का विवेकानंद रोजगार सहायता कोष, 1 लाख 25 हजार नए पदों का सृजन और 350 करोड़ रुपये का गिग व असंगठित श्रमिक विकास कोष घोषित किया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से गर्भवती महिलाओं को पोषण किट और 200 करोड़ रुपये की सीएम अमृत आहार योजना लागू की गई थी। पोषण और कृषि में मोटे अनाज को मिड-डे मील में शामिल करने और राम हन सेतु लिंक परियोजना के तहत 9,300 करोड़ रुपये के कामों की घोषणा हुई थी।