राजस्थान में नौतपा के साथ गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच सकता है। राज्य में अगले चार दिन भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहने की संभावना है।
सोमवार को मौसम विभाग ने तीन जिलों में सीवियर हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट और 16 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी राजस्थान में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं, जहां दिन के साथ रातें भी गर्म रहने लगी हैं।
इस हफ्ते आ सकता है गर्मी का सबसे खतरनाक दौर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सप्ताह राजस्थान में गर्मी का “पीक फेज” साबित हो सकता है। रविवार को श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा टोंक, अलवर, चूरू, बीकानेर, फलोदी और कोटा में भी तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया। जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में सीवियर हीटवेव दर्ज की गई, जबकि बाड़मेर, जालोर, हनुमानगढ़, भरतपुर, धौलपुर, करौली और चित्तौड़गढ़ समेत कई जिले लू की चपेट में रहे।
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28 मई के बाद बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई के बाद एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने, तेज आंधी चलने, हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। यह सिस्टम जून के पहले सप्ताह तक असर दिखा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी और तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है। हालांकि इसके साथ उमस भी बढ़ने की आशंका है।
जयपुर समेत बड़े शहरों में लू का असर
राजधानी जयपुर में रविवार को लगातार दूसरे दिन तेज गर्मी रही। अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि रात का तापमान भी 31.4 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह से देर शाम तक लू का असर बना रहा। उधर अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और कोटा में भी तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है।