राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एआई आधारित ऑनलाइन प्रश्न बैंक तैयार करेगा, जिसे सत्र 2027-28 से लागू करने की तैयारी है। इससे प्रश्नों की पुनरावृत्ति रोकने, परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने और विशेषज्ञों पर निर्भरता व खर्च कम करने में मदद मिलेगी।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दसवीं, बारहवीं और समकक्ष बोर्ड परीक्षाओं के लिए नया ऑनलाइन प्रश्न बैंक तैयार करने जा रहा है। इस प्रश्न बैंक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रणाली की मदद से विषय विशेषज्ञ प्रश्नों का चयन और संयोजन करेंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूर्व परीक्षाओं में पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति रोकने में भी मदद मिलेगी।
बोर्ड इस ऑनलाइन प्रश्न बैंक की पारदर्शी व्यवस्था को सत्र 2027-28 की परीक्षाओं से लागू करने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान सत्र 2026-27 की बोर्ड परीक्षाएं अगले वर्ष फरवरी में प्रस्तावित हैं। नए सॉफ्टवेयर के निर्माण, तकनीकी परीक्षण और परीक्षा संचालन से जुड़ी अन्य तैयारियों के लिए समय कम होने के कारण इसे मौजूदा सत्र में लागू किया जाना संभव नहीं माना जा रहा है।
इसी सत्र से दसवीं के विद्यार्थियों को दो बार परीक्षा का मौका
परख कार्यशाला में तैयार हुआ खाका
राजस्थान बोर्ड ने हाल ही में एक महीने तक विषयवार परख कार्यशाला आयोजित की थी। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने नए प्रश्नपत्रों के स्वरूप, ब्लूप्रिंट और भविष्य के परीक्षा पैटर्न पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान आने वाले वर्षों की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों और नए प्रश्न बैंक का प्रारंभिक खाका भी तैयार किया गया।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बोर्ड अपने अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल पर परीक्षा पैटर्न के अनुरूप प्रश्न और टेस्ट पेपर भी उपलब्ध कराएगा। यह अध्ययन सामग्री सभी विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी, जिससे वे नए परीक्षा पैटर्न को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। इसका लाभ दसवीं, बारहवीं के साथ-साथ प्रवेशिका और वरिष्ठ उपाध्याय की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को भी मिलेगा।
एआई से कम हो सकती है विशेषज्ञों की जरूरत और खर्च
बोर्ड का प्रश्न बैंक ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित रखा जाएगा, लेकिन इसे आम लोग या सामान्य उपयोगकर्ता नहीं देख सकेंगे। प्रश्न बैंक तक केवल अधिकृत विषय विशेषज्ञों और विशेष आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारियों की पहुंच होगी। इसमें हर वर्ष आयोजित होने वाली परीक्षाओं से जुड़े प्रश्न भी जोड़े जाते रहेंगे।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर और एआई की मदद से प्रश्नों के चयन, वर्गीकरण और संयोजन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। इससे एक ही विषय के लिए बार-बार बड़ी संख्या में अलग-अलग विशेषज्ञों की आवश्यकता कम हो सकती है। बोर्ड को उम्मीद है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ प्रशासनिक और वित्तीय खर्च में भी कमी आएगी।