प्रदेश की चारों दिशाओं से बीजेपी की परिवर्तन यात्राएं निकल रही हैं। इन परिवर्तन यात्राओं के दौरान सभाओं में भीड़ भी उमड़ रही है। इस भीड़ को देखकर बीजेपी नेता भरपूर गदगद हैं। भीड़ के आधार पर ही वो यह मान बैठे हैं कि यह सत्ता परिवर्तन का आगाज है। यह बात दूसरी है कि परिवर्तन यात्राओं को सफल बनाने के लिए बीजेपी के स्थानीय नेताओं को टास्क दिया गया है। यात्राओं के साथ संयोजक के साथ ही प्रत्येक जगह सभा को सफल बनाने के लिए अलग से प्रभारी और सह प्रभारी तय किए गए हैं। वहीं सभाओं के दौरान भीड़ जुटाने के लिए भी नेताओं को जिम्मेदारी भी दी गई है।
परिवर्तन यात्राओं के दौरान भीड़ जुटाने के लिए टिकट के दावेदारों के साथ ही विधायक और प्रत्याशी रहे नेताओं को भी टारगेट दिया गया है। एक-एक विधानसभा क्षेत्र में दस से तीस तक दावेदार हैं। ऐसे में सभी दावेदारों को छोड़ दें तो आधे तो संख्या इकट्टा करने के लिए ताकत दिखा रहे हैं। कामां और संगरिया विधानसभा क्षेत्रों सहित एक दो जगह तो भीड़ जुटाने के लिए स्थानीय नेताओं ने महिला डांसर तक बुलाई।
बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह ने शनिवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि परिवर्तन यात्राओं को अपार जन समर्थन मिल रहा है। चारों यात्राओं में अब तक 499 स्थानों पर स्वागत किया गया है। यह परिवर्तन यात्रा बीजेपी की नहीं जनता की परिवर्तन यात्रा है। चारों यात्राएं 3,118 किलोमीटर तक अभी सफर पूरा कर चुकी है। इनमें केंद्र के नौ मंत्री शामिल हो चुके हैं। स्थानीय नेताओं के साथ समाजों के लोग भी आकर नारा लगा रहे हैं। गहलोत सरकार से छुटकारा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
अरूण सिंह दावा कर रहे हैं कि कई जगह स्वागत सभाओं में पांच-पांच हजार से ज्यादा लोग आ रहे हैं। इससे साफ लग रहा है कि राज्य की भ्रष्ट गहलोत सरकार की विदाई तय है। हालांकि, प्रदेश प्रभारी से पूछा कि भीड़ तो अशोक गहलोत और कांग्रेस की सभाओं भी आ रही है। क्या भीड़ सत्ता का पैमाना है? इस पर अरूण सिंह ने कहा कि यह तो वक्त तय करेगा।
इससे पहले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने उदयपुर में कहा कि परिवर्तन संकल्प यात्रा अब जन-जन की यात्रा बन गई है। प्रदेश के हर कौने से इस यात्रा को जनता का अपार समर्थन और स्नेह मिल रहा है। प्रदेश की भ्रष्टाचारी और निकम्मी कांग्रेस सरकार की हमेशा के लिए विदाई अब तय हो चुकी है। यह भीड़ परिवर्तन और बीजेपी को बहुमत का आधार बनेगी।
वहीं बयाना में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दस घंटे की यात्रा में परिवर्तन यात्रा में जगह-जगह स्वागत के लिए जनसैलाब उमड़ा है। मैंने अपने जीवन में कभी ऐसा जनसैलाब नहीं देखा है। जो यह दर्शाता है कि गहलोत की सरकार के प्रति लोगों में सिर्फ नाराजगी नहीं है, बल्कि इस सरकार से राजस्थान के लोगों में घृणा है। आक्रोश बढ़ रहा है कि एक पल भी राजस्थान की सरकार को देखना नहीं चाहते हैं। यह तो रही आज की बात, लेकिन इसके अलावा भी बीजेपी के तमाम नेता और केंद्रीय मंत्री परिवर्तन यात्राओं में लोगों की भीड़ देखकर कह चुके हैं कि परिवर्तन की बयार है।
वहीं, दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं महिला डांसरों के नाम पर जुटाई गई भीड़ क्या सत्ता परिवर्तन का आधार बनेगी? या फिर टिकट के दावेदारों के दम पर कार्यकर्ताओं की भीड़ को सत्ता परिवर्तन के लिए आम जनता की पीड़ा और आवाज माना जा सकता है? बीजेपी नेताओं के पास इसका कोई जवाब नहीं है?