सार
राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम राठौड़ को दिनभर के सस्पेंस के बाद भाजपा ने चूरू जिला परिषद के वार्ड से पार्टी सिंबल दे दिया। पहले उनका टिकट होल्ड होने से नाम वापसी की अटकलें लग रही थीं, लेकिन गुरुवार शाम उन्हें हरी झंडी मिल गई। उनकी पत्नी कनिका सिंह भी वार्ड से चुनाव लड़ रही हैं।
भाजपा में अपने अच्छे दिनों का इंतजार कर रहे वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के परिवार को पंचायत चुनाव में आखिरकार राहत मिल गई है। चूरू जिला परिषद के वार्ड संख्या 39 से चुनाव लड़ रहे उनके बेटे पराक्रम राठौड़ को पार्टी ने गुरुवार शाम अपना सिंबल दे दिया। पराक्रम ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी भी साझा की। इससे पहले उनके टिकट को होल्ड पर रखे जाने के बाद नाम वापसी की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
पराक्रम ने बुधवार को वार्ड संख्या 39 से भाजपा के टिकट पर नामांकन दाखिल किया था। वहीं, उनकी पत्नी कनिका सिंह ने चूरू जिला परिषद के वार्ड संख्या 23 से भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा था। पराक्रम को पार्टी का सिंबल मिलने से उनके चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
टिकट होल्ड होने से उठने लगे थे सवाल
पराक्रम राठौड़ का टिकट होल्ड पर रखे जाने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं थीं। चर्चाएं होने लगी कि आरसीए चुनाव की तरह उन्हें पंचायत चुनाव से भी नाम वापस लेने के लिए कहा जा सकता है। इस घटनाक्रम को राजेंद्र राठौड़ की पार्टी में राजनीतिक स्थिति से जोड़कर भी देखा जा रहा था। हालांकि, गुरुवार शाम भाजपा का सिंबल मिलने के बाद नाम वापसी की चर्चाओं पर विराम लग गया।
आरसीए चुनाव से नाम वापस लेने पर आए थे चर्चा में
पराक्रम राठौड़ सितंबर में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चर्चा में आए थे। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया। उस समय पराक्रम ने कहा था कि वे चुनाव लड़ना चाहते थे और उन्हें 32 जिला संघों का समर्थन हासिल था। हालांकि, पार्टी के खिलाफ जाना उनके संस्कारों में नहीं है और उन्होंने अपने पिता राजेंद्र राठौड़ के कहने तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर नामांकन वापस लिया।
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राजेंद्र राठौड़ ने कहा था- पार्टी लाइन क्रॉस करने वाला आदमी नहीं हूं
पराक्रम के टिकट को लेकर विवाद की चर्चाओं के बीच अमर उजाला ने राजेंद्र राठौड़ से बात की थी। इस पर उन्होंने कहा था, ‘मैं कभी पार्टी लाइन क्रॉस करने वाला आदमी नहीं रहा।’ इसके बाद वे जयपुर से चूरू के लिए रवाना हो गए थे।
पराक्रम को भाजपा का सिंबल मिलने के बाद अब चूरू जिला परिषद के वार्ड संख्या 39 में उनकी उम्मीदवारी पर स्थिति साफ हो गई है। उनकी पत्नी कनिका सिंह ने भी वार्ड संख्या 23 से नामांकन दाखिल किया है।