छात्राओं को किताबें उपहार में दी गईं।
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक अलग पहल की गई। छात्राओं को प्रोत्साहित करने और उनमें शिक्षा और सृजनात्मकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम किए गए।
कार्यक्रम के तहत सोरडा, बांट, सोनेला, सोनानी, गुन्दवाडा, पीथापुरा एम, भागली व अन्य गांवों के विद्यार्थियों के लिए रंगोली, पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार के रूप में लंच बॉक्स, वाटर बॉटल और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी किताबें भेंट की गईं। सीएसआर प्रमुख गोपाल सिंह देवड़ा एवं परियोजना अधिकारी चंचल चौधरी के नेतृत्व में इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में टीम संगीनी और राजकीय विद्यालयों की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देवड़ा ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सृजनात्मकता और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को बढ़ावा देना था। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम नए और उदार सोच को प्रोत्साहित करते हैं जो कला की स्थानीय परंपराओं को बचाए रखने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं पर केंद्रित विशेष दिन के रूप में आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल युवाओं को नए और अद्भुत विचारों से परिचित कराने का एक प्रयास रहा, बल्कि इससे समृद्ध समाज को एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह पहल स्वयं में एक प्रेरणास्त्रोत है, जो विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके माध्यम से समाज को शिक्षा के महत्व को उजागर करने में भी मदद मिलती है।