राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर ग्रामीण क्षेत्र से बबीता नामक एक महिला को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है। उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े होने का आरोप है। उस पर स्लीपर सेल के रूप में काम करने का संदेह जताया जा रहा है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर की गई। सूचना मिलने के बाद राजस्थान एटीएस ने महिला की गतिविधियों पर निगरानी रखी। पर्याप्त तथ्य जुटाने के बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। वर्तमान में महिला से एटीएस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और अन्य खुफिया इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से गहन पूछताछ की जा रही है।
डिजिटल गतिविधियों की हो रही जांच
जांच एजेंसियां महिला के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिजिटल संचार माध्यमों और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि महिला कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में थी, जिनके माध्यम से उसका कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव बढ़ा। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसका कथित रूप से ब्रेनवॉश किया गया था।
पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार महिला के पाकिस्तान जाने की इच्छा और उसके लिए किए गए संभावित प्रयासों की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या उसे सीमा पार स्थित किसी नेटवर्क या हैंडलर द्वारा निर्देशित किया जा रहा था।
धर्म परिवर्तन के आरोपों की भी जांच
जांच के दौरान धर्म परिवर्तन कराने की कथित कोशिशों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एटीएस की टीम महिला के संपर्कों का पूरा नेटवर्क खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उसके संबंध किन-किन व्यक्तियों और संगठनों से रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय मानते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।
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आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि अभी तक किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक रूप से आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।