राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विधायक रोहित वोहरा द्वारा किए गए एक कथित अभद्र इशारे को लेकर सदन में हंगामा देखने को मिला। इस मुद्दे को कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष से मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का इशारा करने वाले सदस्य को विधानसभा का सदस्य बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
भाजपा विधायक की प्रतिक्रिया
इस विषय पर बातचीत करते हुए जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि विधायक का आचरण यह तय करता है कि वह समाज को किस दिशा में ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सामाजिक जीवन से जुड़े लोग होते हैं और जनता उन्हें चुनकर सदन में भेजती है। उनके अनुसार इस प्रकार के इशारे सामाजिक जीवन और लोगों की भावनाओं को आहत करते हैं। उन्होंने कहा कि मामला विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान में है और वे इस पर कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस तरह की इशारेबाजी को बर्दाश्त नहीं करती है।
बजट पर पक्ष-विपक्ष की भूमिका
बजट पर चर्चा करते हुए गोठवाल ने कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है और सरकार अपना काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने प्रदेश में हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है। उनके अनुसार इस बजट से महिलाओं, किसानों और युवाओं में खुशी है तथा हर वर्ग इससे संतुष्ट है।
युवाओं और विकास पर जोर
गोठवाल ने कहा कि सरकार ने ₹10000000000 का प्रावधान इस उद्देश्य से रखा है कि जो युवा अब तक नौकरी मांगता था, वह नौकरी देने वाला बन सके। उन्होंने कहा कि यही अंतर है कि उनकी सरकार काम करने में विश्वास रखती है, जबकि विपक्ष केवल कमियां गिनाने में विश्वास रखता है।
2047 के विजन का उल्लेख
गोठवाल ने बजट को वर्ष 2047 का आईना बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी 2047 तक और उसके बाद भी सत्ता में रहने वाली है। उन्होंने इसे दीर्घकालिक दृष्टि से तैयार किया गया बजट बताया।
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स्पीकर बोले- वीडियो देख कर एक्शन लूंगा
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को शून्यकाल में कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा की ओर से कल कई कार्यवाही के दौरान किए गए इशारे पर बीजेपी ने स्पीकर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। शून्यकाल के दौरान बीजेपी विधायक श्रीचंदकृपलानी ने कहा कि कल सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने जैसा इशारा किया उसे मैं यहां बोल भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। कृपालानी बोले रोहित बोहरा ने सदन में जो इशारा किया उस पर संपादकीय भी लिखा गया है। कृपलानी बोले ऐसे सदस्य को विधानसभा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने भी इस मामले में रोहित बोहरा पर कठोर कार्रवाई करने की मांग सदन में रखी।
वहीं, कांग्रेस की तरफ से सचेतक रफीक खान ने कहा कि इसी सदन में मुझे लेकर भी बहुत कठोर शब्द कहे गए थे। उस मामले में सदन ने जैसी कार्रवाई की थी वैसी ही इस मामले में भी हो। इस पर बीजेपी विधायकों ने हंगामा कर दिया। लेकिन स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सभी को शांत करवाते हुए कहा कि मामले में मुझे कार्रवाई करनी है। क्या कार्रवाई करनी है यह मैं तय करूंगा। देवानानी बोले कि मैं इस संबंध में वीडियो देखूंगा। यदि वह वीडियो गरिमा के अनुकूल नहीं हुआ तो मैं कार्रवाई करूंगा।