विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान जलजीवन मिशन से जुड़े सवाल पर हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक हाकम अली ने जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कामों की शिकायत करते हुए पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से पूछा कि जल जीवन मिशन में पाइप लाइन डालने के बाद क्षतिग्रस्त सड़क व रेम्प को फिर बनाने की जिम्मेदारी किसकी है। यदि संबंधित फर्म द्वारा उक्त कार्य नहीं किया जाता है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
इस पर मंत्री ने अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ काम करवाया जा रहा है लेकिन अगर कहीं कोई गड़बड़ी हो रही है तो उसकी शिकायत सीधे मुझसे करें, मैं मामले को दिखवाऊंगा। इस पर हाकम बोले कि हार काम के लिए मंत्री को फोन कैसे करेंगे इसके लिए कोई नोडल एजेंसी है की नहीं। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि विभाग के स्तर पर संबंधित अफसरों से इसकी शिकायत की जा सकती है और वे नहीं सुनते हैं तो मेरा मोबाइल नंबर खुला है आप कभी भी मैसेज करिए।
स्पीकर ने जवाब पूरा मानते हुए अगला प्रश्न पुकार लिया लेकिन नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इस सवाल से जुड़ा पूरक सवाल करने के लिए खड़े हो गए। स्पीकर ने यह कहते उन्हें अनुमति देने से मना कर दिया कि हर सवाल पर आप पूरक प्रश्न नहीं पूछ सकते। इस पर टीकाराम जूली भड़क गए। उन्होंने कहा कि मंत्री यह नहीं बता रहे हैं कि दोषी ठेकेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई गई। स्पीकर ने फिर जूली को बैठने के लिए कहा लेकिन जूली ने स्पीकर के व्यवहार को लेकर ही नाराजगी जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस के वॉकआउट के बाद संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल खड़े हुए और कहा कि मंत्री ने बिल्कुल सही जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की परंपरा बन गई है कि हर सवाल में अनावश्यक रूप से टोकाटाकी कर बिना किसी आधार के सवालों में व्यवधान खड़ा किया जाए।